
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। जिले के किरनापुर ब्लाक के मुंडेसरा पंचायत के टिमकीटोला गांव की गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उसके पति कैलाश चौधरी के साथ किरनापुर पुलिस द्वारा अवैधानिक गिरफ्तारी और थाने में निर्वस्त्र कर अमानवीय यातना देने के आरोपों को लेकर मरार माली समाज का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने किरनापुर थाने का गेट खोलकर अंदर घुसने का प्रयास किया और पुलिस पर पथराव कर दिया।
किरनापुर में समाज द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई, जब भीड़ ने थाना परिसर का घेराव कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों समेत 15 से 16 लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार इस प्रदर्शन में जिले के दसों विकासखंडों से बड़ी संख्या में मरार माली समाज के लोग किरनापुर पहुंचे थे। सुबह से ही उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। समाज के लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश था।
जिला मरार माली समाज के अध्यक्ष रमेश पंचे ने बताया कि अगस्त में क्षेत्र में हुई एक चोरी की घटना में शक के आधार पर 2 सितंबर को किरनापुर पुलिस टिमकीटोला गांव निवासी कैलाश चौधरी और उसकी गर्भवती पत्नी सावित्री चौधरी को घर से उठाकर थाने ले गई।
आरोप है कि थाने में पुरुष पुलिसकर्मियों ने गर्भवती महिला को निर्वस्त्र कर बेहोश होने तक बेरहमी से पीटा। महिला के शरीर पर आज भी मारपीट के निशान मौजूद हैं। पति के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया।इस घटना के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस अधीक्षक ने मामले में एसआईटी का गठन भी किया, लेकिन समाज का आरोप है कि पुलिस की जांच पुलिसकर्मियों द्वारा ही कराए जाने से जांच निष्पक्ष नहीं हो पा रही है। इसी के विरोध में और पीड़ित महिला को सम्मान के साथ आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
धरना प्रदर्शन के दौरान राणा हनुमान सिंह कॉलेज परिसर से एक विशाल रैली निकाली गई। रैली शहीद लिखीराम कावरे चौक होते हुए किरनापुर मार्केट का भ्रमण करते हुए पुलिस थाना परिसर पहुंची। भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही थाने के मुख्य गेट को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी, लेकिन थाना पहुंचते ही भीड़ उत्तेजित हो गई और कुछ लोगों ने जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को समझाने और शांत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन उग्र होता गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ेऔर हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।
इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें भी आईं।फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
उग्र भीड़ ने किरनापुर थाने का गेट खोलकर अंदर घुसने का प्रयास किया और पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें एसडीओपी दीपक तोमर, निरीक्षक जितेन्द्र चौहान, शैलेन्द्र पटेल, एसडीओपी के वाहन चालक आलोक, प्रधान आरक्षक वर्षा, महिला आरक्षक अंबिका, अविषा समेत अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
सभी का प्राथमिक उपचार किरनापुर स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है। गंभीर रूप से कुछ घायलों को गोंदिया अस्पताल भेजा गया है। पथराव के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने माइक पर प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी। पुलिस पथराव करने वालों की पहचान कर उनसे पूछताछ कर रही है।