
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। एथनाल उत्पादन के नाम पर हुई चावल की हेराफेरी में एसआइटी के हाथ अब दूसरे राज्य के राइस मिलरों तक पहुंच गए हैं। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के दो राइस मिलरों जुगल खंडेलवाल और उसके भाई किशनलाल खंडेलवाल को एसआइटी ने गिरफ्तार किया है।
आरोपित छिंदवाड़ा के एथनाल प्लांट के लिए निकलने वाला चावल अपनी राइस मिल में खपा रहे थे। सूत्रों के अनुसार, आरोपितों ने करीब 3.5 करोड़ रुपये का चावल अपनी मिल में मोड़ा था। प्रारंभिक जांच में उनकी मिल में 40 ट्रक चावल पहुंचे थे। जांच में ट्रकों की संख्या बढ़ने की प्रबल संभावना है।
वहीं, तीन दिन पहले गिरफ्तार किए गए राइस मिलर बिहार पटले (बिहारी राइस मिल), सुरेंद्र राणा (लक्ष्मी राइस मिल) और गौरव माहेश्वरी (विराज राइस मिल) तथा बिहारी पटले के प्रबंधक अतुल बिसेन को एसआइटी ने सोमवार शाम न्यायालय में पेश किया। एसआइटी ने चारों आरोपितों की पांच दिनों की रिमांड मांगी है। सूत्रों के अनुसार, एसआइटी की रडार पर गोंदिया के दो और राइस मिलर हैं। इनमें से एक कार्रवाई से बचने के लिए दुबई जाने की तैयारी में था, लेकिन उसकी ये योजना फेल हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोंदिया से गिरफ्तार जुगल और किशनलाल लंबे समय से राइस मिलिंग का काम कर रहे हैं। उनका कारोबार फैला हुआ है। वह महाराष्ट्र के कई एथनाल प्लांट को चावल देते हैं। महाराष्ट्र की उपार्जन मंडियों को भी चावल सप्लाई करते हैं। बताया गया कि वह बीयर बनाने वाली कंपनी को भी चावल की आपूर्ति करते हैं।
बालाघाट में ग्राम नैतरा के राइस मिलर बिहारी पटले और सुरेंद्र राणा ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। छिंदवाड़ा के एथनाल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप और धर्मेंद्र तिवारी से साठगांठ कर दोनों राइस मिलर सिवनी की राइस मिल में कई ट्रक चावल खपा चुके हैं। चावल के ये वही ट्रक हैं, जो एफसीआइ गोदाम से एथनाल प्लांट के लिए निकलने थे।
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सूत्रों के अनुसार, बिहारी पटले को चावल की हेराफेरी की लिंक मिल चुकी थी। बिहारी ने सिवनी की राइस मिल में 45 लाख रुपये तथा सुरेंद्र राणा ने 20-22 लाख रुपये का चावल भंडारित कराया था। पूछताछ में एसआइटी संबंधित मिल की जानकारी खंगाल रही है।