
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट/ रामपायली। दक्षिण वन मंडल बालाघाट सामान्य के वन परिक्षेत्र खैरलांजी अंतर्गत ग्राम पंचायत मिरगपुर के ग्राम पांढरवानी के सतीटोला में बाघ के हमले से सनसनी फैल गई। गांव से लगे जंगल में मवेशी चराने गए किसान देवकराम पिता श्यामलाल बाघमारे 50 वर्ष की बाघ के हमले से मौत हो गई। साथ ही घटनास्थल के पास एक गाय और उसका बछड़ा भी मृत अवस्था में मिले हैं।
घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत का माहौल है। सोमवार को मौके कटंगी एसडीओ यशपाल मेहरा, खैरलांजी वन परिक्षेत्र अधिकारी डीसी वासनिक सहित तिरोड़ी थाना पुलिस पहुंची। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को 50 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।
ग्राम पांढरवानी निवासी देवकराम वाघमारे खेती-किसानी का कार्य करते थे। रविवार नौ अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे वे एक गाय और उसके बछड़े को चराने के लिए गांव से लगे जंगल की ओर गए थे। देर शाम तक जब देवकराम घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजन देर रात तक आसपास के क्षेत्र में खोजबीन करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
सोमवार 10 अगस्त की सुबह परिजन और ग्रामीण एक बार फिर देवकराम की तलाश में जंगल की ओर गए। गांव के मोक्षधाम घाट से लगे घने जंगल में अंदर जाने पर सुबह सात बजे करीब उन्हें एक गाय और उसका बछड़ा मृत अवस्था में दिखाई दिया। वहीं पास में देवकराम भी खून से लथपथ अवस्था में मृत मिले। घटनास्थल के आसपास बाघ के पंजों के निशान और हमले के चिन्ह भी बताए जा रहे हैं, जिसके चलते ग्रामीणों ने बाघ के हमले की आशंका जताई है। ग्रामीणों ने बताया कि आशंका है कि बाघ ने पहले गाय और बछड़े पर हमला किया होगा। मवेशियों को बचाने के लिए देवकराम उनके पास पहुंचे होंगे, इसी दौरान बाघ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मिरगपुर सरपंच दीपक देशमुख मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग का अमला घटनास्थल पर पहुंचा और तिरोड़ी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
सरपंच दीपक देशमुख ने बताया कि देवकराम मवेशी को चराने जंगल की ओर गए थे, देर शाम तक घर नहीं पहुंचे तो उन्हें तलाश शुरू की गई। सुबह उनका शव जंगल में पाया गया और दो गाय भी मृत पाई गई, जिन्हें बाघ ने हमला कर मार दिया है। जिसके पश्चात शव को तिरोड़ी पुलिस ने शव का पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए कटंगी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों से अपील की हैं कि अकेले जंगल की ओर ना जाए। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
पांढरवानी के जंगल किनारे एक किसान मवेशी चराने गया था। जिसकी बाघ के हमले से मौत हो गई। दो मवेशी का भी बाघ ने शिकार किया है। परिजनों को तत्काल 50 हजार की सहायता राशि दी गई है।
डीसी वासनिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी खैरलांजी।
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