बड़वानी में बीईओ कार्यालय का लेखा शाखा प्रभारी 8 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों धराया
जिले में शिक्षा विभाग में भ्रष्ट्राचार को लेकर आए दिन शिकायतें आती हैं। गत माह 18 मार्च को ही लोकायुक्त दल ने निवाली बीआरसी को 5 हजार की रिश्वत लेते र ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 06 Apr 2026 06:19:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 06 Apr 2026 06:25:07 PM (IST)
फोटो :-लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में आरोपित बीईओ।HighLights
- अनुकंपा नियुक्ति पत्र व वेतन का मामला।
- राशि निकालने के एवज में मांगे थे रुपए।
- लोकायुक्त दल ने की ट्रैप की कार्रवाई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। जिले के राजपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लेखा शाखा प्रभारी को लोकायुक्त पुलिस ने सात हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपित द्वारा आवेदक की बहू की अनुकंपा नियुक्ति पत्र दिलाने और वेतन निकालने की एवज में रूपये की मांग की थी। आवेदक की शिकायत की पुष्टि उपरांत लोकायुक्त दल ने राजपुर के बीईओ कार्यालय में लेखा शाखा प्रभारी के रुप में पदस्थ 36 वर्षीय प्रदीप मंडलोई पुत्र भारतसिंह मंडलोई को रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक बाबूलाल नरगावे निवासी ग्राम बकवाडी का निवासी होकर उच्च श्रेणी शिक्षक माध्यमिक विद्यालय देवला से उच्च श्रेणी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। आवेदक के पुत्र विशाल नरगावे की नियुक्ति प्राथमिक शिक्षक के पद पर शासकीय प्रावि केलवानी सेंधवा ब्लाॅक में हुई थी।
आवेदक के पुत्र की मृत्यु उपरांत आवेदक की पुत्रवधु को भृत्य के पद पर शासकीय उमावि जुलवानिया में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त हुई थी। अनावेदक द्वारा आवेदक पुत्रवधु का प्रान: नंबर भोपाल से जल्द मंगवाने और प्रान: नंबर आने के उपरांत वेतन निकलवाने के एवज में आवेदक से आठ हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
आवेदक ने इसकी शिकायत विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय इंदौर एसपी राजेश सहाय को की। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर सोमवार को ट्रेप दल का गठन किया और आरोपी लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप मंडलोई को आवेदक से लेखापाल स्थापना कक्ष में सात हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों पकड़ा।
भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
लोकायुक्त एसपी ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, सतीश यादव, पवन पटोरिया, आदित्य भदौरिया, श्रीकृष्णा अहिरवार शामिल थे।
शिक्षा विभाग में लगातार खुल रही भ्रष्टाचार की परतें
बता दें कि जिले में शिक्षा विभाग में भ्रष्ट्राचार को लेकर आए दिन शिकायतें आती हैं। गत माह 18 मार्च को ही लोकायुक्त दल ने निवाली बीआरसी को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। वहीं इस मामले में विभाग के उपयंत्री को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपियों द्वारा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से बालिका शौचालय की रिपेयरिंग के बाद पूर्णता प्रमाण पत्र के नाम पर यह राशि मांगी थी।
एक माह मे जिले में तीसरी कार्रवाई
दरअसल जिले में भ्रष्टाचार को लेकर अब सीधे लोकायुक्त पुलिस की मदद ली जाने लगी हैं। बीते एक माह में अब तक लोकायुक्त पुलिस ने तीन कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसमें एक कार्रवाई 9 मार्च को जिले के अंजड़ में पुलिस उपनिरीक्षक और आरक्षक को रिश्वत की मांग करने के सत्यापित आडियो रिकार्डिंग के आधार कार्रवाई की थी। इस मामले में आरोपितों ने अंजड़ के ही एक ज्वेलरी संचालक को पुराने केस में फंसाने का दबाव बनाकर उससे बचाने के लिए 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद लोकायुक्त दल ने 9 मार्च सोमवार के दिन ही आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था।