MP के बैतूल में फर्जी जेल अधिकारी बनकर ट्रेनों में ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार
पीड़िता की शिकायत पुलिस मुख्यालय भोपाल के माध्यम से मिलने के बाद जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेही राजपाल यादव नामक व्यक्ति के मोब ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 14 Mar 2026 11:06:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 14 Mar 2026 11:12:14 PM (IST)
ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार।HighLights
- जीआरपी की कार्रवाई, नौकरी दिलाने का झांसा देकर वसूलता था पैसे।
- केंद्रीय जेल भोपाल में जेल प्रहरी की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
- पहले 1050 रुपये लिए। ट्रेनिंग के नाम पर 25,500 की मांग करने लगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बैतूल। ट्रेनों में यात्रियों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले एक शातिर को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। आरोपित खुद को भोपाल केंद्रीय जेल का अधिकारी बताकर बेरोजगार युवक-युवतियों को जेल प्रहरी की नौकरी दिलाने का लालच देता था और उनसे पैसे ऐंठता था।
पुलिस के अनुसार 29 जनवरी 2026 को आमला-छिंदवाड़ा मेमो पैसेंजर ट्रेन में एक व्यक्ति ने जुन्नारदेव निवासी लताशा चौहान को केंद्रीय जेल भोपाल में जेल प्रहरी की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। आरोपित ने पहले 1050 रुपये लिए और बाद में ट्रेनिंग के नाम पर 25,500 रुपये की मांग करने लगा।
पीड़िता की शिकायत पुलिस मुख्यालय भोपाल के माध्यम से मिलने के बाद जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान संदेही राजपाल यादव नामक व्यक्ति के मोबाइल नंबर का तकनीकी विश्लेषण कर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई।
13 मार्च 2026 को दक्षिण एक्सप्रेस में पुलिस टीम ने फोटो और हुलिए के आधार पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान स्लीपर कोच से उतरकर भागने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम इन्द्रपाल पाल (55) निवासी खंजनपुर थाना गंज बैतूल बताया। उसने स्वीकार किया कि वह बैतूल-छिंदवाड़ा, बैतूल-भोपाल और भोपाल-इंदौर ट्रेन मार्गों पर यात्रियों को खुद को राजपाल यादव, उप जेल अधिकारी भोपाल बताकर नकली विजिटिंग कार्ड दिखाता था।
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूलता था। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से पुलिस की टोपी, जूते, नकद राशि और जालसाजी से जुड़े नकली दस्तावेज जब्त किए हैं।