बैतूल रेलवे फाटक पर रुकी एम्बुलेंस, अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज की मौत; ओवरब्रिज की मांग फिर तेज
मुलताई में रेलवे फाटक बंद होने से एम्बुलेंस अस्पताल देर से पहुंची। परिजनों ने मरीज की मौत का आरोप लगाया, जबकि स्थानीय लोगों ने रेलवे ओवरब्रिज निर्माण ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 12:30:53 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 12:30:53 PM (IST)
रेलवे फाटक पर एम्बुलेंस के रुकने से अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के बीच एक मरीज की मौत। (एआई जनरेटेड)HighLights
- रेलवे फाटक बंद होने से एम्बुलेंस रास्ते में रुकी रही।
- अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज की एम्बुलेंस में मौत हुई।
- परिजनों ने इलाज में देरी का गंभीर आरोप लगाया।
मुलताई, नईदुनिया प्रतिनिधि। चंदोरा रोड स्थित रेलवे फाटक पर एम्बुलेंस के रुकने से अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के बीच एक मरीज की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में लंबे समय से लंबित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।
हालांकि स्थानीय लोगों ने कहा कि रेलवे फाटक पर तैनात कर्मचारी ने निर्धारित सुरक्षा नियमों के तहत ही फाटक बंद किया था। उसकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं थी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
- जानकारी के अनुसार बोरदेही निवासी रामाशंकर तिवारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजन उन्हें इलाज के लिए एम्बुलेंस से मुलताई अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान चंदोरा रोड स्थित रेलवे फाटक ट्रेन के आवागमन के कारण बंद मिला।
एम्बुलेंस चालक लगातार हॉर्न बजाता रहा, लेकिन सुरक्षा कारणों से फाटक नहीं खोला गया। परिजन का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के दौरान रामाशंकर तिवारी ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया। लोगों ने की रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग
- स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे कर्मचारी ने अपनी ड्यूटी के अनुरूप ट्रेन के सुरक्षित संचालन के लिए फाटक बंद रखा था। ट्रेन के गुजरने से पहले फाटक खोलना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता था।
- घटना के बाद नागरिकों और क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों ने चंदोरा रोड पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग दोहराई। उनका कहना है कि वर्षों से इस स्थान पर आरओबी बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
- लोगों का कहना है कि अगर यहां ओवरब्रिज होता तो एम्बुलेंस सहित अन्य वाहन बिना रुके निकल सकते थे और ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।