पूर्व कुलपति बिसेन की बहू की असिस्टेंट प्रोफेसर पद से छुट्टी, जेएनकेवीवी रजिस्ट्रार ने जारी किया बर्खास्तगी का आदेश
नियमों की अनदेखी कर की गई एक हाईप्रोफाइल नियुक्ति के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 07 Jun 2026 09:25:13 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jun 2026 09:25:13 PM (IST)
बहू की असिस्टेंट प्रोफेसर पद से छुट्टी,HighLights
- वारासिवनी की असिस्टेंट प्रोफेसर धारणा बिसेन सेवा से बर्खास्त
- प्रदीप कुमार बिसेन पर नियम विरुद्ध नियुक्ति कराने का आरोप
- लंबी जांच के बाद विश्वविद्यालय ने जारी किया सात पेज का आदेश
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट/वारासिवनी। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर में नियमों की अनदेखी कर की गई एक हाईप्रोफाइल नियुक्ति के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्तमान रजिस्ट्रार अश्विनी कुमार जैन ने कृषि महाविद्यालय वारासिवनी में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धारणा बिसेन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय और शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है।
बहू की नियुक्ति कराने के आरोप लगे थे
जानकारी के अनुसार, डॉ. धारणा बिसेन के ससुर एवं कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन पर अपने कार्यकाल के दौरान नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं को दरकिनार कर अपनी बहू की नियुक्ति कराने के आरोप लगे थे। मामले की विभिन्न स्तरों पर जांच की गई, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात पृष्ठों का विस्तृत आदेश जारी करते हुए कार्रवाई की।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में डॉ. धारणा बिसेन गोंदिया स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में कार्यरत थीं। इसी दौरान उन्हें नियमों के विपरीत वारासिवनी कृषि महाविद्यालय में प्रतिनियुक्ति पर बुलाया गया। बाद में प्रतिनियुक्ति को स्थायी सरकारी नियुक्ति में परिवर्तित कर दिया गया।
विश्वविद्यालय की जांच में यह भी सामने आया कि इस प्रक्रिया में तत्कालीन कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन के साथ तत्कालीन रजिस्ट्रार अशोक कुमार इंगले की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने दोनों को मामले में आरोपित माना है।