शादी के महज 20 दिन बाद उजड़ा सुहाग: अज्ञात वाहन की टक्कर से चाचा-भतीजे की मौत; इकलौते बेटे का शव देख मां बेसुध
पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 02:49:39 PM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 02:50:17 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्र।HighLights
- जालौन-भिंड रोड पर दर्दनाक हादसा
- हेलमेट नहीं पहनने से सिर में आई गंभीर चोट
- हाथों की मेहंदी फीकी पड़ने से पहले टूटा दुखों का पहाड़
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। उप्र के जिला जालौन (उरई) के रामपुरा थाना अंतर्गत रविवार रात एक सड़क हादसे में भिंड जिले के मिहोना थाना अंतर्गत विश्वारी गांव निवासी चाचा-भतीजे की मौत हो गई। दोनों ग्राम टीहर से एक कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे, तभी मढ़ा-ऊंचा रोड पर किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय गौरव कुमार अपने 25 वर्षीय चाचा भीम सिंह के साथ रविवार को रामपुरा क्षेत्र के ग्राम टीहर गए थे। रात करीब 10 बजे दोनों बाइक से वापस लौट रहे थे। मढ़ा गांव के पास ऊंचा रोड पर पीछे से आए अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के समय दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सड़क पर गिरने के दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल भीम सिंह को पहले मेडिकल कालेज और बाद में झांसी रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
शादी के 20 दिन बाद उजड़ गया सुहाग
मृतक गौरव अपने परिवार का इकलौता पुत्र था। उसके पिता का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो चुका था और वह मेले में खिलौनों की दुकान लगाकर अपनी मां सावित्री का सहारा बना हुआ था। 26 मई को उसकी शादी लहार क्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी रागिनी से हुई थी। शादी के बाद रागिनी पहली बार शनिवार को ससुराल आई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद हादसे में पति की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। स्वजनों के अनुसार, अभी उसके हाथों की मेहंदी भी फीकी नहीं पड़ी थी।
मजदूरी करके परिवार के भरण पोषण में सहयोग करता था भीम सिंह
वहीं भीम सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने में सहयोग करते थे। उनके बड़े भाइयों ने बताया कि वह अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा माता-पिता और परिवार के खर्च के लिए देते थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कोतवाली प्रभारी अभिलाष मिश्रा ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कहा कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।