भिंड में फर्जी लाइसेंस पर बड़ी कार्रवाई: 250 से ज्यादा पिस्टल और रिवॉल्वर के लाइसेंस फर्जी, अपराधियों को भी बांटे गए हथियार
भिंड जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में पुलिस प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब ऐसे लाइसेंसधारियों की भी जांच शुरू की गई है, जिनके पास ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 25 Apr 2026 09:10:58 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Apr 2026 09:10:58 PM (IST)
भिंड में हथियारों के लाइसेंस पर बड़ा फर्जीवाड़ा। (AI से जेनरेट किया गया इमेज)HighLights
- भिंड में हथियारों के लाइसेंस पर बड़ा फर्जीवाड़ा
- 250 से ज्यादा पिस्टल-रिवॉल्वर के लाइसेंस
- फर्जी अपराधियों को भी बांटे गए थे कुछ हथियार
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिंड। जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में पुलिस प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब ऐसे लाइसेंसधारियों की भी जांच शुरू की गई है, जिनके पास पिस्टल और रिवाल्वर हैं। वहीं एक ही लाइसेंस पर अतिरिक्त हथियार चढ़वाने वाले लोग भी संदेह के घेरे में हैं। बता दें कि भिंड पुलिस पिछले दिनों 350 से अधिक फर्जी बंदूक लाइसेंसधारियों की सूची बना चुकी है।
गृह विभाग की सूची से मिलान
फर्जी लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस को लगातार नए तथ्य मिल रहे हैं। इसी क्रम में उसने वर्ष 2018 से वर्ष 2025 के बीच जारी शस्त्र लाइसेंसों की सूची भोपाल स्थित गृह विभाग से मंगाई है। प्रारंभिक जांच में जिले में 250 से अधिक पिस्टल और रिवाल्वर के अवैध होने की आशंका जताई जा रही है। प्रक्रिया के अनुसार, किसी भी हथियार लाइसेंस के लिए गृह विभाग और कलेक्टर कार्यालय से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) अनिवार्य होती है। बिना एनओसी जारी हुए लाइसेंस अवैध माना जाएगा।
अतिरिक्त हथियार जोड़ने में भी अनियमितता
जांच में यह भी सामने आया है कि कई लाइसेंसधारियों ने अपने मूल लाइसेंस पर अतिरिक्त हथियार भी दर्ज करवा लिए हैं, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं की। उदाहरण के तौर पर, 12 बोर के लाइसेंस पर 315 बोर की बंदूक कागजों में जोड़ दी गई, जबकि आवश्यक अनुमतियां और प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। ऐसे मामलों में भी आर्म्स शाखा और रैकेट के सदस्यों की मिलीभगत की आशंका है।
संगीन आरोपितों को भी जारी हुए लाइसेंस
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या, हत्या के प्रयास और लूट जैसे गंभीर मामलों में आरोपित रहे व्यक्तियों के नाम पर भी शस्त्र लाइसेंस जारी कर दिए गए। इनमें कुछ के पास एक से अधिक हथियार भी मिले हैं। पुलिस ने ऐसे संदिग्ध लाइसेंसधारियों की सूची तैयार कर ली है। वहीं, फर्जी लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड राधाचरण निवासी जालौन को दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी भी की जा रही है।
फर्जी लाइसेंस के मामले में निरंतर जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आते जाएंगे उसी हिसाब से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - रविंद्र वास्कले, एसडीओपी अटेर