
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दीपावली पर्व से ठीक पहले नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए पूरे शहर को मुसीबत में डाल दिया है। सफाई व्यवस्था से शुरू हुआ यह गतिरोध अब नगर निगम की लगभग सभी आवश्यक सेवाओं तक फैल चुका है। करीब 18 हजार कर्मचारियों वाले नगर निगम में लगभग 15 हजार कर्मियों ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है, जिनमें 14 हजार दैनिक वेतनभोगी और एक हजार आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं।
लगातार दूसरे दिन कचरा न उठने से नए शहर से लेकर पुराने शहर तक की सड़कों, बाजारों और रहवासी इलाकों में गंदगी के ढेर लग गए हैं। सभी डस्टबिन पूरी तरह ओवरफ्लो होकर सड़कों तक बिखर चुके हैं। कई स्थानों पर हड़ताल पर गए कर्मचारी खुद डस्टबिन से सड़कों पर कचरा फैलाते नजर आए।
इतना ही नहीं, निगम प्रशासन ने जब वैकल्पिक कर्मचारियों के जरिए कार्य कराने का प्रयास किया, तो हड़ताली कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। वहीं, कचरा फेंकने पहुंचे नागरिकों को भी गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों पर प्रवेश नहीं करने दिया गया।
गुरुवार को कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने नगर निगम मुख्यालय अटल भवन की बिजली सप्लाई बंद कर दी और मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक शहर की दीपावली अंधेरे में रहेगी।
शुक्रवार से निगम में पूर्ण तालाबंदी की भी चेतावनी दी गई है। हड़ताल में कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत अन्य शाखाओं के कर्मियों के शामिल होने से मुख्यालय की सभी आठ मंजिलों में कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इसके चलते जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, अग्निशमन, जलप्रदाय, सीवेज और अतिक्रमण जैसी जरूरी शाखाओं के काम पूरी तरह ठप हो गए हैं। सभी 21 जोनों और 85 वार्डों की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है।
हड़ताली कर्मचारियों की प्रमुख मांग वेतन वृद्धि, न्यूनतम 25 हजार रुपये मानदेय और शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की है। अब जल कार्य शाखा के कर्मचारियों ने भी शुक्रवार से पेयजल आपूर्ति बंद करने का ऐलान कर दिया है। शहर में 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शन हैं, ऐसे में यदि जलापूर्ति प्रभावित हुई तो त्योहार के मौके पर लाखों लोगों को भारी पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल के मुद्दे पर शहर सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने विपक्ष की ओर से पूर्ण समर्थन का भरोसा देते हुए परिषद की विशेष बैठक बुलाकर प्रस्ताव लाने की मांग की है। वहीं, नगर निगम के अपर आयुक्त अमन मिश्रा का कहना है कि कर्मचारियों की मांगें प्रदेश स्तरीय हैं और इस संबंध में शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि शहर में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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