
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर की लाइफ लाइन बड़ा तालाब के एफटीएल व 50 मीटर दायरे में चिह्नित किए गए करीब 400 कब्जों को हटाने की कार्रवाई बहुत ही धीमी गति से चल रही है। हालात यह हैं कि राजस्व व नगर निगम का अमला मिलकर पिछले डेढ़ महीने में करीब 40 कब्जे ही हटा पाया है, जबकि अन्य सभी को सुनवाई के नाम पर छोड़ दिया गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बड़ा तालाब के अतिक्रमणों को लेकर कहा है कि इनमें जो भी प्रशासन की भूमिका होगी, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले वह पूरे मामले को समझेंगे और फिर निर्णय लेंगे।
जानकारी के अनुसार बड़ा तालाब के चारों तरफ अतिक्रमणकारियों ने पैर पसार रखे हैं और यह तेजी से बढ़ते भी जा रहे हैं। यहां लोग अस्थायी टपरे व मलबा डालकर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद भी चिह्नित किए गए कब्जों को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन सख्त कदम नहीं उठा पा रहा है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की चेतावनी के बाद फरवरी में सीमांकन शुरू किया गया और मार्च तक करीब 400 कब्जे चिह्नित किए गए थे। इनमें शासकीय और निजी जमीन, जो एफटीएल व 50 मीटर दायरे में स्थित है, को शामिल किया गया है। सर्वे के बाद तत्कालीन कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर 15 दिन की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन अब तक यह निर्णय नहीं लिया जा सका है कि आखिर कब्जों को कब हटाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार चिह्नित किए गए कब्जों में वन विहार रोड स्थित होटल रंजीत, होटल टोरकस, अन्नतास गार्डन, लेक हाउस का कुछ हिस्सा आ रहा है। वहीं, मैथलीशरण गुप्ता, कीर्ति जैन, पीएस भटनागर, मोहिनी देवी, बसंत कौर, सौम्या श्रीवास्तव, प्रकाश चंदेल, मुकेश शर्मा आदि के निर्माण भी जद में आ रहे हैं। इसके अलावा संत हिरदाराम नगर तहसील क्षेत्र में शामिल बड़ा तालाब का काफी हिस्सा भी जद में है। इसके अलावा रसूखदारों के साथ-साथ होटल जहांनुमा, सायाजी, वन विहार, नगर निगम के सरकारी निर्माण, सैर सपाटा, बोट क्लब, विंड एंड वेव्स होटल और वन विहार का कुछ हिस्सा भी आ रहा है।
इस तरह लड़खड़ा गई बड़ा तालाब के कब्जों की कार्रवाई। बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में चिह्नित कब्जों को छह अप्रैल से हटाने के लिए कार्रवाई शुरू करना तय किया गया था। जिससे सबसे पहले भदभदा की झुग्गियों और दुकानों को हटाया गया। 10 अप्रैल को तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह की टीम ने हलालपुरा स्थित तालाब किनारे पर कार्रवाई की। एक मैरिज गार्डन के आगे एक फार्म हाउस पर कार्रवाई की गई। हलालपुरा बस स्टैंड स्वागत गार्डन के पीछे अवैध रूप से बने 25 टीन के शेड व पक्के कमरे, बाउंड्रीवाल और करबला क्षेत्र में अवैध रूप से बनी टीन की शटर वाली छह दुकानों को भी बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया था।
13 अप्रैल को सेवनिया गोंड और गौरागांव में कार्रवाई करते हुए कुछ कब्जों की बाउंड्रीवाल तोड़ी गई थी। 11 अप्रैल को संत हिरदाराम नगर में काशियाना बंगले के पीछे कार्रवाई करना प्रस्तावित था। वहीं 15-16 अप्रैल को संत हिरदाराम नगर में मकान, मैरिज गार्डन सहित निर्माण हटाने और 17 अप्रैल को हुजूर तहसील की सरकारी जमीन से कब्जे हटाए जाने थे, लेकिन चारों दिन प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है।
बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे से अतिक्रमण हटाने की अब तक सिर्फ एक बड़ी कार्रवाई है। जिसमें दो साल पहले भदभदा स्थिति झुग्गी बस्ती में बने 380 से अधिक घरों को हटाया गया था। इसको लेकर रहवासियों व विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था लेकिन विस्थापन और आर्थिक मदद मिलने पर रहवासी मान गए थे। इसके बाद योजना तो बनती रहीं लेकिन धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं।
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