15 साल में 49 हजार सरकारी स्कूलों में जड़े ताले, MP में अब विलय के नाम पर फिर बंद होंगे स्कूल
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच मध्य प्रदेश में करीब 7 हजार स्कूल बंद किए गए, जबकि पूरे देश में 18 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए है ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 24 Apr 2026 08:12:34 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Apr 2026 08:13:22 PM (IST)
मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा का सिमटता दायरा। (AI से जेनरेट की गई इमेज)HighLights
- मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा का सिमटता दायरा
- सांदीपनि योजना के तहत 300 और स्कूल बंद
- छिंदवाड़ा और बैतूल में हुए सबसे ज्यादा विलय
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के सरकार कई दावे करती है लेकिन हकीकत दूर-दूर तक ऐसी कतई नहीं है। 15 साल में 49 हजार से अधिक सरकार स्कूलों में ताले पड़ चुके हैं। अच्छे सर्वसुविधायुक्त स्कूलों का सपना दिखाकर एक बार फिर बड़ी संख्या में स्कूलों को विलय के नाम पर बंद करने की तैयारी है। अब सांदीपनि विद्यालयों में एक से पांच किमी तक के दायरे के कम विद्यार्थियों वाले छोटे स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों से उन स्कूलों की जानकारी मांगी गई है, जहां विद्यार्थियों की संख्या कम है।
इस संबंध में फरवरी 2026 में विधानसभा सत्र में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि 49,477 स्कूलों का एक शाला एक परिसर के तहत एकीकृत किया गया, यानी छोटे स्कूल बंद हो गए। वहीं शिक्षकों की स्थिति यह है कि स्वीकृत 2,89,005 पदों में से 1,15,678 रिक्त हैं जो स्वीकृत पद का करीब 40 प्रतिशत है। वहीं 1,968 स्कूलों में एक और 46,417 स्कूलों में दो-दो शिक्षक ही पदस्थ हैं।
एमपी में सात हजार स्कूल बंद
केंद्र सरकार द्वारा सदन में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच मध्य प्रदेश में करीब सात हजार स्कूल बंद किए गए, जबकि पूरे देश में 18 हजार से ज्यादा स्कूल बंद किए गए हैं। जबकि मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट लगातार बढ़ा है। बीते पांच साल में मध्य प्रदेश में करीब 7 हजार, ओडिशा में 4 हजार, जम्मू और कश्मीर में 4300, असम में 3500 और पश्चिम बंगाल में 1000 से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद हुए हैं।
करीब 15 हजार स्कूलों में 20 से कम विद्यार्थी
प्रदेश में हर वर्ष स्कूल चले हम अभियान चलाया जाता है ताकि नामांकन दर बढ़े। इसके बावजूद हजारों की संख्या में स्कूल ऐसे हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या 20 से भी कम है। प्रदेश में ऐसे स्कूल 15,170 हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम है। इन स्कूलों में अतिशेष शिक्षकों को पदस्थ नहीं करने की तैयारी है।
300 स्कूल इस सत्र में सांदीपनि में मर्ज
इस सत्र में प्रदेश के 274 सांदीपनि विद्यालयों में से 161 स्कूलों का भवन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें 97 स्कूल नए भवनों में शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि 64 स्कूलों के भवनों का लोकार्पण अभी बाकी है। जिन विद्यालयों को नए भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 300 से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल इस सत्र में उन्हें बंद कर दिया गया।
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इन जिलों के सबसे ज्यादा विलय हुए स्कूल
- छिंदवाड़ा-1525
- बैतूल-1461
- रीवा-1438
- सागर-1423
- पन्ना-1389
- बालाघाट-1368
- राजगढ़-1338
- विदिशा-1332
- सीधी-1296
- भिंड-1227