
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक्सिस बैंक के एक रिटायर्ड अधिकारी से 23.55 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपितों ने उन्हें फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाया और भारी मुनाफे दिलवाने का दावा किया। पूर्व अधिकारी ने शुरूआत में 45 हजार रुपये निवेश किए तो 24 घंटे में 18 हजार रुपये का मुनाफा बैंक खाते में मिल गया। भरोसे में आकर उन्होंने 50 हजार रुपये और निवेश कर दिए। वहीं जब रकम ट्रांसफर करने की बारी आई तो ठगों ने उन्हें ज्यादा रकम निवेश करने पर दोगुना रिटर्न का लालच दिया, जिसमें वह फंस गए और करीब एक महीने में 23 लाख रुपये गंवा दिए।
मिसरोद पुलिस के अनुसार सलैया स्थित लीला अतुल्यम निवासी 48 वर्षीय रोहित वर्मा एक्सिस बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं। उन्होंने 47 वर्ष की उम्र में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी। 20 मई को इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े अधिक मुनाफे का दावा करने वाली एक रील देखने के दौरान उन्होंने उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद खुद को फिनसोल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने वाट्सएप पर संपर्क किया और एक एपीके फाइल भेजकर ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवा दिया।
शुरूआत में रोहित ने पांच हजार रुपये निवेश किए। कुछ ही समय बाद उन्हें अच्छा रिटर्न दिखाया गया। इसके बाद उन्होंने 40 हजार रुपये लगाए, जिस पर एप में 63 हजार रुपये का बैलेंस दिखाई दिया और 40 हजार रुपये निकालने की अनुमति भी मिल गई। इस प्रक्रिया ने उनका भरोसा पूरी तरह जीत लिया। इसके बाद आरोपितों ने आइपीओ में निवेश और दोगुना मुनाफा मिलने का दावा करते हुए 50 हजार रुपये और लगाने की सलाह दी।
बाद में हर बार बड़ी राशि निवेश करने पर पूरी रकम एक साथ लौटाने का झांसा दिया जाता रहा। इसी भरोसे में रोहित वर्मा ने अपने एक्सिस बैंक खाते से यूपीआइ के माध्यम से और उनकी पत्नी ज्योतिरानी वर्मा ने अपने एक्सिस बैंक और एसबीआइ खातों से आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 23.55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब पीड़ित ने पूरी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने नई-नई शर्तें रखकर और निवेश करने का दबाव बनाया। अंततः वाट्सएप ग्रुप डिलीट कर दिया गया, सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए और ट्रेडिंग एप से भी उनका अकाउंट हटा दिया गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मिसरोद थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआइ और आरटीजीष ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है।