
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बड़ा तालाब का तीन दिन तक सीमांकन होने के बाद शनिवार को राजस्व अमले ने अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया है। खानूगांव से हलालपुर में शुक्रवार तक हुए सीमांकन में फैक्ट्री, गोदाम, मैरिज गार्डन, क्लब, फार्म हाउस, डेयरी सहित अनेक पक्के व स्थायी निर्माण चिह्नित किए हैं। जिनके खिलाफ राजस्व, वन विभाग, नगर निगम ने पुलिस बल की मौजूदगी में शनिवार से कार्रवाई शुरू कर दी है।
हलालपुर गांव स्थित बड़ा तालाब सीमा में निजी भूमि में किए गए निर्माणों को बैकहो लोडर की मदद से प्रशासन ने जमींदोज करवाया। जमीन के मालिक अनुमतियां होने का दावा करने लगे तो राजस्व अधिकारियों ने दो से तीन दिन में पेश करने का समय दिया है। बता दें कि सोमवार को सांसद आलोक शर्मा ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, वन विभाग सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर बड़ा तालाब का नए सिरे से सर्वें करने के निर्देश दिए थे।
जानकारी के अनुसार बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल और उसके 50 मीटर तक के क्षेत्र में लोगों ने निजी भूमि में निर्माण किए हैं। जबकि नियमानुसार सिर्फ खेती, किसानी, उद्यानिकी की जा सकती है। बुधवार से शुक्रवार तक चले सीमांकन के बाद शनिवार दोपहर 12 बजे राजस्व, वन विभाग, नगर निगम और पुलिस का संयुक्त अमला हलालपुर गांव स्थित स्वागत गार्डन के पीछे पहुंचा।
यहां तालाब के फुल टैंक लेवल व उसके 50 मीटर दायरे में स्थित मोहम्मद अमीन खान की निजी भूमि में बने पक्के गोदाम, कमरे, शेड आदि को बैकहो लोडर की मदद से जमींदोज कर दिया। इससे पहले पास ही स्थित मोहम्मद शकील की जमीन में बनी 100 मीटर लंबी स्थायी बाउंड्रीवाल को गिरा दिया था। तालाब के पास ही स्थित क्रिसेंट क्लब व मैरिज गार्डन का निर्माण किया गया है, जिसे दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया है।
बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में जमीन मालिक बब्लू और शैलेंद्र रैना द्वारा भी निर्माण कार्य किए जा रहे थे। यहां शेड बनाने के लिए ढांचा तैयार किया गया था, जिसे भी अमले ने बैकहो लोडर की मदद से तोड़ने की कार्रवाई की। इसी बीच दोनों जमीन मालिक निर्माण कार्य की अनुमति होने का दावा करते हुए एसडीएम व तहसीलदार के सामने सफाई दे रहे थे।
अमले द्वारा जब अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही थी तब जमीन मालिकों के द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा था। इससे कार्रवाई की रफ्तार धीमी होने लगी, इसी बीच दोपहर ढाई बजे एसडीएम रविशंकर राय पहुंचकर कार्रवाई का निरीक्षण किया। ऐसे में उन्होंने पटवारी से नक्शा दिखाने के लिए कहा और फिर तालाब की सीमा में किए गए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलवाना शुरू किया। इससे कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।
अवैध निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई के दौरान जमीन मालिकों के द्वारा अनुमति होने का दावा किया जाने पर उनसे लिखित में अधिकारियों ने बयान लिए हैं। तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह के समक्ष जमीन मालिकों ने लिखित में दिया है कि वह दो से तीन दिन में अपने दस्तावेज पेश करेंगे। इससे उन्हें कुछ समय की मोहलत मिल गई है, यदि दस्तावेज पेश नहीं कर सके तो निर्माण को अवैध मानते हुए तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान बड़ा तालाब के आसपास के क्षेत्र का अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जमीनों पर लोगों ने पर्यावरण संबंधी सभी नियमों को ताक में रखकर फैक्ट्री तान रखी हैं। इतना ही नहीं यहां लोग अवैध रूप से पहाड़ी खोदाई तक कर रहे थे, जिसमें पक्के निर्माण कार्य भी किए जा रहे थे। इस पर एसडीएम ने सभी को दस्तावेज पेश करने की चेतावनी दी है।
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वेटलैंड एक्ट 16 मार्च 2022 को लागू हुआ था। इसके बाद एफटीएल के दायरे में होने वाले सभी निर्माण एक तरह से अवैध ही माने जाएंगे। शहर में 50 मीटर और ग्रामीण में 250 मीटर का पैमाना निर्धारित है। यदि इससे पहले का कोई निर्माण है, लेकिन वह तालाब की जद में आ रहा है तो संबंधित से नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि संबंधित विभागों की अनुमति के बारे में दस्तावेज मांगे जाएंगे।
खानूगांव, हलालपुर क्षेत्र में बड़ा तालाब के सीमांकन का काम लगभग पूरा हो चुका है।इस दौरान मिले सभी तरह के निर्माणों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें तोड़ने की कार्रवाई शनिवार से शुरू कर दी गई है। लोगों ने अनुमतियां होने की बात कही है तो उन्हें दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया है।- रविशंकर राय, एसडीएम, बैरागढ़ वृत्त