
नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। राजधानी में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई दो गंभीर शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
एक ओर आनंदम रेस्टोरेंट की लस्सी में कीड़ा मिलने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, वहीं पिज्जा हट से मंगाए गए पास्ता का सेवन करने के बाद एक बच्चे की तबीयत बिगड़ने के मामले में भी जांच शुरू कर दी गई है।
इसी बीच महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में सिंथेटिक दूध के बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद मध्यप्रदेश के सभी जिलों में दूध की विशेष जांच और नमूने लेने का अभियान चलाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए शहर के दो प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। पहली कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के आधार पर नर्मदापुरम रोड स्थित पिज्जा हट (द सैफायर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड) में की गई।
शिकायत में बताया गया था कि स्विगी के माध्यम से मंगाए गए पास्ता का सेवन करने के बाद एक बालक के होंठ और गाल पर सूजन आ गई। जांच टीम ने प्रतिष्ठान से पास्ता, व्हाइट बेस, चीज और चीज स्प्रेड के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दूसरी कार्रवाई लालघाटी स्थित आनंदम रेस्टोरेंट में की गई, जहां लस्सी में कीड़ा मिलने की शिकायत मिली थी।
निरीक्षण के दौरान लस्सी के अलावा दही, पनीर, सोया चाप और बेसन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। रेस्टोरेंट प्रबंधन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रविधानों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक मनोज पुष्प ने आदेश जारी किया है कि महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में सिंथेटिक एवं मिलावटी दूध के संगठित नेटवर्क के खुलासे के बाद सभी जिला अभिहित अधिकारी तत्काल विशेष निगरानी अभियान चलाकर 31 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय में पेश करें।
आदेश के तहत दूध चिलिंग प्लांट, डेयरियों, संग्रहण केंद्रों, थोक विक्रेताओं और दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाइयों का सघन निरीक्षण किया जाएगा।
संदिग्ध दूध और दुग्ध उत्पादों के नमूने लेकर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब और मैजिक बाक्स से प्राथमिक जांच की जाएगी। मिलावटी या सिंथेटिक दूध मिलने पर जब्ती, प्रतिष्ठान सील करने और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता या मिलावट संबंधी किसी भी शिकायत की सूचना तत्काल सीएम हेल्पलाइन, एफएसएसएआइ फूड सेफ्टी कनेक्ट पोर्टल अथवा स्थानीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय को दें, ताकि समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।