थायराइड मरीजों के लिए खुशखबरी, एम्स भोपाल अब रेडियो आयोडीन से होगा थायराइड कैंसर का जड़ से इलाज
थायराइड की गंभीर बीमारियों और कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए एम्स भोपाल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में अब रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट की अत्याधुनिक सुविध ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 10:08:27 PM (IST)Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 10:08:27 PM (IST)
रेडियो आयोडीन से होगा थायराइड कैंसर का जड़ से इलाज।HighLights
- थायराइड मरीजों के लिए खुशखबरी।
- रेडियो आयोडीन से होगा थायराइड कैंसर का जड़ से इलाज।
- एम्स भोपाल में बड़ी सुविधा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। थायराइड की गंभीर बीमारियों और कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए एम्स भोपाल के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में अब रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस तकनीक से थायराइड कैंसर के 90 प्रतिशत मामलों को जड़ से खत्म करना संभव है।
अब मरीजों को इस महंगे इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हाइपरथायराइडिज्म (थायराइड ग्रंथि की अत्यधिक सक्रियता) एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज को सालों तक एंटी-थायराइड दवाएं लेनी पड़ती हैं।
एम्स भोपाल के विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में उपलब्ध रेडियो आयोडीन उपचार एक सुरक्षित विकल्प है। यह थायराइड की अतिरिक्त सक्रियता को नियंत्रित कर देता है, जिससे मरीज की दवाओं पर निर्भरता न्यूनतम हो जाती है।
कैंसर कोशिकाओं का होगा जड़ से खात्मा
डिफरेंशिएटेड थायराइड कैंसर के मामलों में अक्सर सर्जरी के बाद भी शरीर में कुछ सूक्ष्म कैंसर कोशिकाएं बची रह जाती हैं। रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट इन बची हुई कोशिकाओं को टारगेट कर नष्ट कर देता है। इससे कैंसर की पुनरावृत्ति की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।
सर्जरी और इस रेडियो थेरेपी का मेल मरीज को बेहतर और सुरक्षित परिणाम देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गले में सूजन, आवाज में भारीपन या निगलने में तकलीफ जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
समय पर जांच और न्यूक्लियर मेडिसिन तकनीक के सही तालमेल से थायराइड की जटिल से जटिल बीमारी को हराया जा सकता है। एम्स में यह सुविधा रियायती दरों पर उपलब्ध है।
किसे और कैसे मिलेगा इस तकनीक का लाभ
हाइपरथायराइडिज्म - वे मरीज जो दवाओं के साइड इफेक्ट या लंबे इलाज से थक चुके हैं।
थायराइड कैंसर - विशेषकर डिफरेंशिएटेड प्रकार के कैंसर मरीज, जिनकी सर्जरी हो चुकी है।
सटीक उपचार - यह थेरेपी केवल प्रभावित कोशिकाओं पर वार करती है, जिससे शरीर के बाकी हिस्से सुरक्षित रहते हैं।