
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ऐशबाग के रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन की हत्या की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां नौ महीने पहले हुए एक ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी भी चर्चा में आ गई है। वजह है कोलार रोड स्थित डी-मार्ट के पीछे का वही सुनसान इलाका, जहां अक्टूबर 2025 में एक अज्ञात महिला के शव के टुकड़े मिले थे और अब ऐशबाग दोहरे हत्याकांड में दंपती के दोनों मोबाइल भी बरामद हुए हैं।
मामला अब तक अनसुलझा है
पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 में कोलार थाना क्षेत्र में डी-मार्ट के पीछे एक विवादित खाली प्लॉट में पानी से भरे गड्ढे के भीतर बोरी में मानव अंग मिले थे। पानी निकालने के बाद महिला के शरीर के कई हिस्से बरामद हुए, लेकिन सिर और धड़ नहीं मिले थे। शव पूरी तरह सड़-गल चुका था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने गुमशुदगी के रिकॉर्ड, मजदूर बस्तियों और आसपास के क्षेत्रों में जांच की, लेकिन मामला अब तक अनसुलझा है।
अब ऐशबाग दोहरे हत्याकांड में भी वारदात के बाद आरोपित दंपती के दोनों मोबाइल इसी इलाके में फेंक गए। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पिछले सप्ताह उन्हें बरामद किया। एक ही स्थान का दो अलग-अलग मामलों में सामने आना जांच एजेंसियों के लिए नया सवाल बन गया है।
तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा
हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों मामलों को सीधे तौर पर जोड़ने से बच रही है, लेकिन पुराने केस की केस डायरी, फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं दोनों घटनाओं के पीछे कोई समान पैटर्न, समान अपराधी या किसी गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
मोबाइल केवल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं
पुलिस का मानना है कि दंपती के मोबाइल केवल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं हैं, बल्कि यह भी संकेत देते हैं कि वारदात के बाद आरोपित इस इलाके तक पहुंचे थे। ऐसे में यह भी जांच की जा रही है कि क्या अपराधियों ने इस सुनसान स्थान को सबूत ठिकाने लगाने के लिए चुना था।
कोलार रोड का यह इलाका लंबे समय से सुनसान माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में खाली प्लॉट, जलभराव वाले गड्ढे और कम आवाजाही वाले क्षेत्र हैं। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं अपराधियों ने इसे सबूत ठिकाने लगाने के लिए सुरक्षित स्थान के रूप में तो नहीं चुन रखा।
क्या दोनों मामलों में कोई कड़ी हो सकती है?
क्या दोनों मामलों में शामिल अपराधियों का कोई आपसी संबंध है?
क्या एक ही गिरोह या समान अपराधी प्रवृत्ति वाले लोगों ने इस स्थान का इस्तेमाल किया?
क्या अपराधियों ने यह जगह इसलिए चुनी क्योंकि यहां पहले भी शव मिलने के बावजूद मामला अनसुलझा रह गया था?
या फिर यह केवल संयोग है कि अलग-अलग अपराधियों ने एक ही सुनसान स्थान का इस्तेमाल किया?
पुलिस का क्या कहना
दोनों घटनाओं का पैटर्न अलग है। हालांकि जिस स्थान से दंपती के मोबाइल मिले, उसे महज संयोग नहीं माना जा सकता। फिलहाल जांच में दोनों मामलों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है।
- संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर
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