भोपाल में रिश्तेदार बनकर साइबर ठगी! ICU इलाज के बहाने रिटायर्ड अफसर के परिवार से 64 हजार उड़ाए
भोपाल में साइबर ठग ने परिचित बनकर अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार के इलाज का बहाना बनाया। फर्जी ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट भेजकर सेवानिवृत्त अधिकारी के परिवार...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 08:36:28 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 08:36:28 PM (IST)
भोपाल में रिश्तेदार बनकर साइबर ठगी। (फाइल फोटो)HighLights
- परिचित बनकर ठग ने अस्पताल इलाज का बहाना बनाया।
- फर्जी ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट भेजकर परिवार को झांसे में लिया।
- परिवार के चार सदस्यों ने अलग-अलग रकम ट्रांसफर की।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शाहपुरा क्षेत्र में रहने वाले एक सेवानिवृत्त अधिकारी और उनके परिवार को परिचित बनकर साइबर ठग ने 64 हजार रुपये की चपत लगा दी। आरोपित ने अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार के इलाज के नाम पर तत्काल रुपये भेजने की बात कहकर फर्जी ट्रांजेक्शन का झांसा दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भेजकर दिया झांसा
- पुलिस के अनुसार, शाहपुरा निवासी 74 वर्षीय घनश्याम प्रसाद मिश्रा उधमिता विकास केन्द्र से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। एक अगस्त उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को जबलपुर निवासी अशोक साहू बताते हुए कहा कि उसका रिश्तेदार अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है और स्टेंड डालने के लिए तत्काल भुगतान करना है।
उसने दावा किया कि उसके खाते से रकम ट्रांसफर नहीं हो रही है, इसलिए वह पहले मिश्रा के खाते में राशि भेज रहा है। साथ ही डाक्टर का नंबर और फर्जी ट्रांजेक्शन स्क्रीनशाट भी भेज दिया, जिसमें भुगतान सफल दिखाया गया था। बैंक स्टेटमेंट से हुआ धोखाधड़ी का पर्दाफाश
- आरोपित के झांसे में आकर मिश्रा ने पहले 9 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसके कहने पर उनकी छोटी बहू ने 25 हजार, बड़ी बहू ने 10 हजार और इंदौर में रहने वाली बेटी ने 20 हजार रुपये बताए गए बैंक खातों में भेज दिए।
अगले दिन आरोपित ने 11 हजार रुपये और भेजने का दबाव बनाया। इस पर संदेह होने पर बैंक स्टेटमेंट निकलवाया गया, जिसमें पता चला कि उनके खाते में कोई राशि आई ही नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।