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भोपाल के हिंदी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले घटे, एमए हिंदी में एक छात्र; सात पाठ्यक्रमों में दाखिला शून्य

भोपाल के अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में हिंदी समेत कई पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है। 4280 सीटों पर सिर्फ 234 प्रवेश ह...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 08:35:18 AM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 08:35:18 AM (IST)
भोपाल के हिंदी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले घटे, एमए हिंदी में एक छात्र; सात पाठ्यक्रमों में दाखिला शून्य
भोपाल के हिंदी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले घटे। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एमए हिंदी में वर्तमान में सिर्फ एक विद्यार्थी अध्ययनरत है।
  2. विश्वविद्यालय में करीब 68 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
  3. सात पाठ्यक्रमों में एक भी विद्यार्थी प्रवेशित नहीं है।

अंजली राय, नईदुनिया : भोपाल : हिंदी भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में भोपाल में स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में हिंदी अध्ययन की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। यहां एमए हिंदी में केवल एक विद्यार्थी ही अध्ययनरत है।

3.50 करोड़ का वार्षिक अनुदान

  • स्थापना के बाद नौ साल तक पुराने विधानसभा भवन (मिंटो हाल) से इस विश्वविद्यालय को अक्टूबर 2020 में विदिशा रोड पर सूखी सेवनिया में पांच करोड़ की लागत से तैयार हुए नवनिर्मित परिसर में स्थानांतरित किया गया और उसके बाद नियमित शिक्षकों की नियुक्ति, छात्रावास और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई।

  • इस विश्वविद्यालय को सरकार हर साल करीब 3.50 करोड़ रुपये का अनुदान देती है, लेकिन यह अपनी साख नहीं बना सका। इसका ही परिणाम है कि पिछले 15 वर्षों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 5207 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 4280 सीटों पर सिर्फ 234 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
  • शिक्षकों के पद स्वीकृत, लेकिन नियुक्ति में कमी

    विश्वविद्यालय में 27 सहायक प्राध्यापक के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 18 पदों के लिए वर्ष 2023 में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन केवल 13 की नियुक्ति हो पाई। शेष पदों पर अतिथि शिक्षकों को काम मिला है। इनको मिलाकर शिक्षकों की संख्या केवल 35 है।

    विश्वविद्यालय में 68 पाठ्यक्रम, सात में विद्यार्थी ही नहीं

    • वैसे इस विश्वविद्यालय में हिंदी अकेला विभाग नहीं है, जिसमें एक विद्यार्थी का प्रवेश हुआ है। एमए भूगोल, अर्थशास्त्र और एमबीए में भी एक-एक विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं। वहीं, एमए इतिहास में तीन, एलएलएम में पांच और एमएफए में छह विद्यार्थियों का प्रवेश है।
    • विश्वविद्यालय में करीब 68 पाठ्यक्रम संचालित हैं। वर्तमान प्रवेश आंकड़ों के अनुसार, सात ऐसे पाठ्यक्रम हैं, जिसमें कोई विद्यार्थी ही नहीं है। एमएससी भौतिकी, एमएससी वनस्पतिशास्त्र, एमए योग, एमएससी रसायन, एमएससी कंप्यूटर और एमकाम में विद्यार्थियों की संख्या शून्य है।

    सत्र - प्रवेश

    • 2026-27-234
    • 2025-26-174
    • 2024-25-287
    • 2023-24-366
    • 2022-23-237
    • 2021-22-366
    • 2021-20-288
    • 2020-19-438
    • 2019-18-438
    • 2018-17-525
    • 2017-16-615
    • 2016-15-493
    • 2015-14-311
    • 2014-13-375
    • 2013-12-60

    वर्जन

    विश्वविद्यालय परिसर तक आने-जाने के लिए बस की सुविधा न होना कम छात्र संख्या का बड़ा कारण है। सभी समस्याएं पहचान कर समाधान के लिए जल्द प्रयास करेंगे। - डॉ. डीए हिंडोलिया, कुलगुरु, अटल विहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय

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