सावन सोमवार स्पेशल: लालघाटी के सिद्ध गुफा मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, तड़के से शुरू होंगा जलाभिषेक-आरती
भोपाल के लालघाटी स्थित ऐतिहासिक गुफा मंदिर में सावन सोमवार पर तड़के से जलाभिषेक और महाआरती का आयोजन होगा। 1949 में खोजी गई इस प्राकृतिक कंदरा में सावन...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 09 Aug 2026 07:10:55 PM (IST)Updated Date: Sun, 09 Aug 2026 07:10:54 PM (IST)
भोपाल के लालघाटी स्थित प्रसिद्ध गुफा मंदिर में सावन सोमवार की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया जाएगा। (फाइल फोटो) धर्म डेस्क, भोपाल। राजधानी भोपाल के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में से एक 'गुफा मंदिर' सावन सोमवार पर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राकृतिक कंदरा (गुफा) में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग का यह पावन धाम न केवल भोपाल, बल्कि पूरे मध्य भारत के भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है। इस सिद्ध स्थल का इतिहास आध्यात्मिक साधना और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
मंदिर के पंडित लेखराज शर्मा के अनुसार-
- साल 1949 में प्रयागराज महाकुंभ से भोपाल पधारे महंत नारायणदास त्यागी महाराज ने लालघाटी स्थित इस गुप्त कंदरा की खोज की थी। कंदरा के भीतर स्थापित प्राकृतिक शिवलिंग और यहां के शांत वातावरण से प्रभावित होकर उन्होंने इसे अपनी तपोभूमि बना लिया।
2 अप्रैल 1965 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के दिन मंदिर का विधिवत पुनर्निर्माण कराकर इसे जन-साधारण के दर्शनार्थ समर्पित किया गया। सावन सोमवार पर विशेष अभिषेक-पूजन कार्यक्रम
- सावन सोमवार के अवसर पर मंदिर परिसर में अलसुबह तड़के विशेष जलाभिषेक, भगवान शिव का भव्य श्रृंगार, आरती और महामृत्युंजय जाप के पश्चात मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
- शाम के समय फिर भगवान का विशेष अभिषेक, महाआरती, रात्रि जागरण और महामृत्युंजय जाप का भव्य आयोजन होगा।
- श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट द्वारा कतारबद्ध दर्शन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल तथा महाप्रसाद वितरण के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी तक चलेगा पारंपरिक सावन मेला
मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पारंपरिक सावन मेले की शुरुआत हो चुकी है, जो कृष्ण जन्माष्टमी तक चलेगा। मेले में श्रद्धालुओं के लिए झूले, पूजन सामग्री, मिठाइयों और सजावटी सामानों की आकर्षक दुकानें सजाई गई हैं। मंदिर परिसर में सावन मेला, नवरात्र मेला, अन्नकूट तथा वर्ष में बड़े यज्ञ व भागवत कथा का आयोजन नियमित रूप से होता आ रहा है।
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