भोपाल की 'सुपर वुमन' सुनीता सिंह का कमाल, 56 साल की उम्र में माउंट किलिमंजारो की चोटी फतह कर रचा इतिहास
अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय का परिचय देते हुए भोपाल की सुनीता सिंह ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर तिरंगा फहराकर नई उपलब्ध ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 18 Apr 2026 01:12:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 18 Apr 2026 01:12:56 PM (IST)
भोपाल की 'सुपर वुमन' सुनीता सिंह ने रचा इतिहासHighLights
- सुनीता सिंह किलिमंजारो पर तिरंगा फहराने वाली सबसे उम्रदराज भारतीय महिला
- विपरीत मौसम में पूरी की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से हैं शिक्षित
- मुश्किल मौसम को मात देकर सुनीता सिंह ने किया किलिमंजारो समिट
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय का परिचय देते हुए स्टेट बैंक भोपाल में पदस्थ सुनीता सिंह ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर तिरंगा फहराकर नई उपलब्धि हासिल की है। 15 अप्रैल 2026 को 56 वर्ष पांच माह की उम्र में यह कारनामा कर उन्होंने सबसे उम्रदराज भारतीय महिला पर्वतारोही बनने का दावा किया है।
मूलत: जबलपुर निवासी और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से शिक्षित सुनीता सिंह भारतीय स्टेट बैंक के भोपाल मुख्यालय में सहायक महाप्रबंधक हैं। उन्होंने बताया कि नौकरी की व्यस्तता और उम्र के इस पड़ाव के बावजूद पर्वतारोहण के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन दृढ़ संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ाया।
चुनौतियों भरा रहा सफर
सुनीता ने बताया कि किलिमंजारो की चढ़ाई के दौरान उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। अप्रैल-मई में वहां वर्षाकाल होने के कारण आमतौर पर माउंटेनिंग नहीं होती, लेकिन मुझे इसी समय छुट्टी मिली, इसलिए विपरीत मौसम में ही जाने का निर्णय लिया।
किलिमंजारो की समिट छह दिन की होती है, समय बचाते हुए मैंने इसे चार दिन में पूरा किया। माउटेनिंग आमतौर पर रात को शुरू होती है, लेकिन वर्षा के कारण मैं सुबह निकली और शाम को लक्ष्य पूरा किया।
वापसी में रास्ता भटक गई थीं सुनीता
पर्वत की चोटी तक पहुंचने में नौ घंटे और लौटने में रात के समय रास्ता भटकने के कारण आठ घंटे का समय लगा। इससे पहले 24 अगस्त 2025 को मैंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट) पर भी जीत हासिल की थी।