भोपाल: षड्यंत्रपूर्वक पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने वाले आरोपितों को तीन-तीन की सजा
आरोप है कि नीलामी प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन करते हुए कृषि भूमि को बाजार मूल्य एवं कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से काफी कम दर पर अवैधानिक रूप से ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 20 May 2026 09:35:51 PM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 09:44:32 PM (IST)
भोपाल कोर्ट का फैसला।नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े एक भ्रष्टाचार प्रकरण में दोषसिद्धि पाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं क्रेता को सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक हेमलता कुशवाह ने बताया कि न्यायालय ने विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, सहकारिता निरीक्षक ए.पी.एस. कुशवाह, अशोक मुखरैया तथा क्रेता साजिद कुरैशी को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर दो दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार ग्राम अगरिया,तहसील हुजूर निवासी कृषक गिलेडबिन सहाय ने वर्ष 1974 में अपनी कृषि भूमि बंधक रखकर पंप एवं थ्रेशर खरीदने के लिए 18 हजार रुपये का ऋण लिया था।
जांच में सामने आया कि आरोपितों ने कृषक की 4.34 एकड़ भूमि को 30 जनवरी 2005 को मात्र 40 हजार रुपये में क्रेता साजिद कुरैशी के नाम नीलाम कर दिया।
आरोप है कि नीलामी प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन करते हुए कृषि भूमि को बाजार मूल्य एवं कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से काफी कम दर पर अवैधानिक रूप से बेचा गया।
प्रकरण में आरोपितों पर अपने पद का दुरुपयोग कर नीलामी संबंधी कूटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा नियमों के विपरीत कार्रवाई करने का आरोप था।
लिखित शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने जांच कर अपराध दर्ज किया और विवेचना उपरांत न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों एवं तर्कों से सहमत होते हुए आरोपितों को दोषी करार दिया।