'अल्फाज गलत था, वापस लेता हूं'; भोपाल में युवतियों की तलवारबाजी को 'डांस' बताने पर घिरे शहर मुफ्ती, विरोध के बाद पलटे
विरोध के बाद मौलाना अब्दुल कलाम ने वीडियो जारी कर कहा कि अल्फाज गलत था और वह ‘डांस’ शब्द वापस लेते हैं।
Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 11:12:10 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Sep 2026 11:12:10 PM (IST)
तलवारबाजी के प्रदर्शन को ‘डांस’ बताने वाले शहर मुफ्ती मौलाना अब्दुल कलाम अब अपने बयान से पीछे हट गए हैं। नईदुनिया।HighLights
- ‘डांस’ शब्द पर मुफ्ती ने दी सफाई
- धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने की सलाह दी
- मौलाना अब्दुल कलाम ने वीडियो किया जारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में मुस्लिम युवतियों के अखाड़े में तलवारबाजी के प्रदर्शन को ‘डांस’ बताने वाले शहर मुफ्ती मौलाना अब्दुल कलाम अब अपने बयान से पीछे हट गए हैं।
नईदुनिया में खबर प्रकाशित होने और मुस्लिम समाज के एक वर्ग के विरोध के बाद उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने बयान पर सफाई दी।
मुफ्ती अब्दुल कलाम ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर तलवारबाजी करती मुस्लिम युवतियों की क्लिप देखने के बाद सीरतुन्नबी के बयान के दौरान उनके मुंह से ‘डांस’ शब्द निकल गया था। उन्होंने इसे गलत बताते हुए कहा कि वह अपने अल्फाज वापस लेते हैं और ‘डांस’ शब्द सही नहीं था।
हालांकि, महिलाओं की तलवारबाजी को लेकर उन्होंने अपनी राय कायम रखी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से इस तरह के प्रदर्शन का आयोजन महिलाओं के मजमे में होना चाहिए, गैर-महरम पुरुषों के बीच नहीं, ताकि शरीअत का पास-ओ-लिहाज बरकरार रहे।
पहले बयान पर हुआ था विवाद
दरअसल, 26 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान अखाड़ों के प्रदर्शन में मुस्लिम युवतियों के एक समूह ने बुर्के में तलवारबाजी के हुनर का प्रदर्शन किया था। समाज के कई लोगों और नेताओं ने युवतियों के इस प्रदर्शन की सराहना की थी।
इसके बाद मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल कलाम ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो बयान जारी कर इस प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इसे गैर-इस्लामिक बताते हुए युवतियों के प्रदर्शन को ‘नाच’ कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसे प्रदर्शन से पैगंबर खुश नहीं होंगे, बल्कि नाराज होंगे और इससे भोपाल पर अजाब आ सकता है।
मुफ्ती के इस बयान के बाद मुस्लिम समाज में विरोध शुरू हो गया था। एक पक्ष के लोग शिकायत लेकर थाने पहुंचे, जबकि एक अन्य पक्ष ने महिला आयोग में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
एफआईआर की मांग
समाजसेवी ओसाफ अली ने मंगलवारा थाने में लिखित शिकायत देकर मौलाना अबुल कलाम कासमी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया कि मुस्लिम युवतियों के अखाड़े और आत्मरक्षा प्रदर्शन को ‘नाच’ कहना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है।
शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई के साथ मौलाना की आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग भी की ।