
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। तत्काल टिकट बनवाने वाले यात्रियों के लिए एक अगस्त से भोपाल मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर नई टोकन व्यवस्था लागू होगी। पश्चिम मध्य रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और दलालों पर रोक लगाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की है।
इसके तहत सबसे पहले उन यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी, जो अपने लिए या अपने परिवार के सदस्य के लिए तत्काल टिकट बनवाने आएंगे। इसके बाद अन्य प्रतिनिधियों का नंबर आएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह 8:30 से 9:00 बजे और नॉन-एसी के लिए 9:00 से 9:30 बजे तक टोकन वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक काउंटर पर अधिकतम 10 एसी और 15 नॉन-एसी टोकन जारी होंगे। आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बदली जा सकेगी।
रेलवे ने टोकन को दो श्रेणियों में बांटा है। 'ए' श्रेणी में स्वयं या माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन, पति-पत्नी और बच्चों के लिए टिकट लेने वाले यात्री शामिल होंगे। उन्हें स्वप्रमाणित आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र तथा जरूरत पड़ने पर पारिवारिक संबंध का प्रमाण देना होगा।
'बी' श्रेणी में अन्य प्रतिनिधि होंगे, जिन्हें अपने और यात्री दोनों के स्वप्रमाणित पहचान पत्र जमा करने होंगे। रेलवे के अनुसार पहले 'ए' श्रेणी के सभी टोकनधारकों का काम पूरा होगा, उसके बाद 'बी' श्रेणी के यात्रियों को मौका मिलेगा।
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प्रत्येक टोकन पर काउंटर नंबर दर्ज रहेगा और उसका रिकॉर्ड रखा जाएगा। टोकन हस्तांतरणीय नहीं होगा, जिससे एक व्यक्ति द्वारा बार-बार टोकन लेने और दलाली पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।