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भोपाल में कचरा प्रबंधन पर प्रशासन सख्त, 100 किलो से ज्यादा कचरा पैदा करने वाली 900 कॉलोनियों पर नया नियम

जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

By Madanmohan malviyaEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sat, 04 Jul 2026 09:47:14 PM (IST)Updated Date: Sat, 04 Jul 2026 09:47:14 PM (IST)
भोपाल में कचरा प्रबंधन पर प्रशासन सख्त, 100 किलो से ज्यादा कचरा पैदा करने वाली 900 कॉलोनियों पर नया नियम
भोपाल में कचरा प्रबंधन पर प्रशासन सख्त(एआई फोटो)

HighLights

  1. कचरा उत्पन्न करने वाली करीब 900 कॉलोनियों पर नए नियम लागू
  2. निपटान नहीं करने पर आरडब्ल्यूए के खिलाफ दर्ज होगा प्रकरण
  3. ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए भी चलेगा विशेष अभियान

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र की करीब 900 कॉलोनियों को अपने परिसर में ही कचरे का वैज्ञानिक निपटान करना होगा। ऐसा नहीं करने पर केवल स्पॉट फाइन नहीं, बल्कि नए पर्यावरणीय कानून के तहत संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। यह निर्देश कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन कॉलोनियों में अभी तक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का पंजीयन नहीं हुआ है, वहां आरडब्ल्यूए का गठन और पंजीयन कराने की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को सौंपी गई है। साथ ही प्रत्येक बड़ी कॉलोनी में कंपोस्ट प्लांट या अन्य वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य होगा, ताकि गीले कचरे का निपटान उसी परिसर में किया जा सके।


कंपोस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा चुके

नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि शहर की अधिकांश बड़ी कॉलोनियों में कंपोस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर कचरे का निपटान किया जा रहा है। इसके अलावा मैरिज गार्डन, मॉल और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। गंदगी फैलाने वालों पर वर्तमान में स्पॉट फाइन की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, अब गंभीर मामलों में नए पर्यावरणीय प्रावधानों के तहत सीधे प्रकरण दर्ज किए जाएंगे, ताकि नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।

ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ चलेगा अभियान

कलेक्टर ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। पुलिस और संबंधित विभाग तेज आवाज वाले हॉर्न तथा मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई करें।

वायु गुणवत्ता की निगरानी प्रभावित हो सकती है

वहीं, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मॉनिटरिंग मशीन को नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण के चलते हटाया जाना है। अधिकारियों ने बताया कि मशीन का वर्तमान सेटअप हटाया जाएगा। हालांकि, इसे किस स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा, इस पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में कोहेफिजा क्षेत्र की वायु गुणवत्ता की निगरानी प्रभावित हो सकती है।

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