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डिजिटल डेस्क। त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। 12 मई को कटारा हिल्स स्थित घर में संदिग्ध हालात में फंदे से लटकी मिली त्विषा की मौत को लेकर सीबीआई अब हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। मामला अब सिर्फ आत्महत्या तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि कई सवालों और विरोधाभासों ने जांच को और संवेदनशील बना दिया है।
हर एंगल से जांच की जा रही है
सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच एजेंसी ने त्विषा के आखिरी घंटों की पूरी टाइमलाइन तैयार करना शुरू कर दिया है। सीबीआई घर के भीतर हुई हर गतिविधि, बातचीत और डिजिटल मूवमेंट को मिनट-दर-मिनट जोड़ने में जुटी है, ताकि मौत से पहले क्या हुआ इसकी सही तस्वीर सामने आ सके।
इन चीजों को खंगाला जा रहा
जांच एजेंसी घर की तीनों मंजिलों की फॉरेंसिक मैपिंग करा रही है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वाई-फाई लॉग और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में घर के भीतर कौन मौजूद था और किस समय क्या गतिविधियां हुईं।
परिवार का क्या आरोप
परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही त्विषा मानसिक दबाव में थी। परिजनों के मुताबिक, उसने अपनी मां को भेजे संदेशों में खुद को शादी में फंसा हुआ बताया था और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। परिवार का यह भी कहना है कि जांच में शुरुआत से लापरवाही बरती गई और एफआईआर दर्ज होने में देरी हुई।
इन बातों को लेकर संदेह
मामले में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनसे संदेह और बढ़ गया है। इनमें पोस्टमार्टम के दौरान बेल्ट गायब होने का मुद्दा, चोटों के रिकॉर्ड में अंतर, लंबाई संबंधी विसंगतियां और सीसीटीवी फुटेज के समय को लेकर सवाल शामिल हैं। सीबीआई अब इन सभी तथ्यों को तकनीकी और फॉरेंसिक आधार पर जोड़ने में लगी है।
गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया
इसी बीच मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने गुरुवार शाम त्विषा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया। इससे पहले पति समर्थ सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।