'सात भाई लौट आए, मेरा भाई कब आएगा?' ससम्मान बरी, फिर भी कतर जेल में कैद है भोपाल के कमांडर पूर्णेंदु तिवारी
कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां सात पूर्व नौसैनिक सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं, वही ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Apr 2026 05:11:09 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Apr 2026 05:11:09 PM (IST)
कतर जेल में कैद है भोपाल के कमांडर पूर्णेंदु तिवारीHighLights
- कतर हाई कोर्ट ने कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को वित्तीय आरोपों से किया बरी
- सात पूर्व नौसैनिक लौटे स्वदेश, कमांडर तिवारी अब भी दोहा जेल में कैद
- 65 वर्षीय कमांडर के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित है उनका परिवार
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जहां सात पूर्व नौसैनिक सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं, वहीं कमांडर पूर्णेंदु तिवारी अब भी दोहा की जेल में कैद हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कतर के हाई कोर्ट ने 12 मार्च को ही उन्हें वित्तीय अनियमितता के सभी आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी रिहाई और स्वदेश वापसी का रास्ता साफ नहीं हो सका है। उनके स्वजन परेशान हैं।
पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद भी तकनीकी अड़चन
हम बता दें कि पूर्णेंदु तिवारी उन आठ पूर्व अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें कथित जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए। हालांकि, हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सभी वित्तीय लेनदेन शिकायतकर्ता की सहमति से हुए थे और इसमें कोई आपराधिक इरादा नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद कतर सरकार ने इन सभी को क्षमादान दे दिया था, लेकिन तकनीकी अड़चनों के नाम पर तिवारी को अभी भी रिहा नहीं किया गया है।
बिखरती उम्मीदें और गिरता स्वास्थ्य: परिवार की भावुक अपील
65 वर्षीय पूर्णेंदु तिवारी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर उनका परिवार गहरे तनाव में है। उनकी 87 वर्षीय वृद्ध मां और बहन मीतू शुक्ला ने केंद्र सरकार से भावुक अपील की है। मीतू शुक्ला ने नवदुनिया से बात करते बताया, "जब सभी आठ लोगों को रिहा कर दिया गया, तो मेरे भाई को क्यों रोक कर रखा गया है? उन्हें जबरन हिरासत में रखा जा रहा है, जबकि अदालत उन्हें बरी कर चुकी है।" परिवार का आरोप है कि दहरा ग्लोबल कंपनी के सीईओ ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें झूठे मामले में फंसाया है।
सुरक्षा को लेकर गहराता संकट
मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में ईरान और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। जिस जेल में तिवारी बंद हैं, वह अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों के निकट है, जो हाल के दिनों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की जद में रहे हैं। ऐसे में युद्ध के इन हालात के बीच एक निर्दोष भारतीय की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।
कौन हैं कमांडर पूर्णेंदु तिवारी?
भारतीय नौसेना के एक सम्मानित अधिकारी रहे पूर्णेंदु तिवारी 'नेविगेशन एक्सपर्ट' माने जाते हैं। उन्होंने युद्धपोत आईएनएस मगर की कमान संभाली है और उन्हें प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। रिटायरमेंट के बाद वे दहरा ग्लोबल से जुड़े थे, जो कतर की नौसेना को प्रशिक्षण देती थी। अब स्वजनों की सारी उम्मीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर टिकी हैं। स्वजनों ने नवदुनिया संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि जिस तरह भारत सरकार ने बाकी सात नौसैनिकों की घर वापसी सुनिश्चित की, उसी प्रकार कमांडर तिवारी को भी तत्काल इस अन्यायपूर्ण कैद से मुक्त कराकर स्वदेश लाया जाए।
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