भोपाल पॉलिटिक्स: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ कांग्रेस का सत्याग्रह शुरू, दिग्गजों ने उठाए निष्पक्ष जांच के सवाल
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल में सत्याग्रह शुरू किय ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 01:32:14 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 01:35:32 PM (IST)
रोशनपुरा चौराहे स्थित जवाहर भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।नईदुनिया।HighLights
- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में भोपाल में कांग्रेस का सत्याग्रह
- दिग्विजय सिंह ने इसे लोकतंत्र के लिए "काला दिन" बताते हुए फैसले पर सवाल उठाए
- कांग्रेस ने फर्जी नोटिस के आधार पर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल में सत्याग्रह शुरू किया है।
गुरुवार को राजधानी के रोशनपुरा चौराहे स्थित जवाहर भवन के सामने आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्त किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस दिन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया, वह लोकतंत्र के लिए काला दिन था।
फर्जी नोटिस को आधार बनाकर नामांकन रद्द किया
उन्होंने आरोप लगाया कि एक फर्जी नोटिस को आधार बनाकर नामांकन रद्द किया गया, जबकि जिस याचिका से संबंधित वह नोटिस था, उसे पहले ही वापस लिया जा चुका था। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजीव गांधी पंचायती राज संगठन द्वारा आयोजित यह सत्याग्रह जन-जन तक पहुंचना चाहिए, ताकि लोग समझ सकें कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ किस तरह खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नामांकन निरस्त करने के फैसले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।