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AIIMS भोपाल की बड़ी पहल: अब कैंसर व गंभीर मरीजों को घर पर मिलेगी पैलिएटिव केयर सेवा, डॉक्टर और नर्स करेंगे देखभाल

एम्स भोपाल और सिप्ला फाउंडेशन की पहल से गंभीर व जीवन-सीमित बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए घर पर पेलिएटिव केयर की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 10:40:47 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 10:40:47 PM (IST)
AIIMS भोपाल की बड़ी पहल: अब कैंसर व गंभीर मरीजों को घर पर मिलेगी पैलिएटिव केयर सेवा, डॉक्टर और नर्स करेंगे देखभाल
एम्स भोपाल। फाइल फोटो।

HighLights

  1. अब घर पर मिलेगी उपशामक देखभाल
  2. एम्स भोपाल और सिप्ला फाउंडेशन की पहल
  3. डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। गंभीर और जीवन-सीमित बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर और सम्मानजनक देखभाल उपलब्ध कराने के लिए एम्स भोपाल और सिप्ला फाउंडेशन ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत भोपाल सहित मध्य भारत में उपशामक देखभाल (पीड़ा कम करने वाली देखभाल) सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।

उपशामक देखभाल में गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के दर्द और अन्य तकलीफों को कम करने के साथ उन्हें मानसिक और भावनात्मक सहयोग दिया जाता है।

मरीजों को मिलेगा भावनात्मक सहयोग

एम्स भोपाल की उपशामक देखभाल इकाई के प्रभारी डॉ. अनुज जैन ने बताया कि उन्नत अवस्था के कैंसर सहित गंभीर बीमारियों में मरीजों को उपचार के साथ दर्द से राहत और भावनात्मक सहयोग की जरूरत होती है।

समझौते के तहत आम लोगों के बीच उपशामक देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को दर्द एवं बीमारी के लक्षणों के बेहतर प्रबंधन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- एम्स भोपाल में डिजिटल सिस्टम का निकला दम, ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी मरीजों को राहत नहीं, स्लॉट भी तुरंत हो रहे फुल

नहीं आना बार-बार अस्पताल

इस पहल में घर पर उपशामक देखभाल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत कम होगी और वे परिवार के बीच रहकर आराम एवं गरिमा के साथ जीवन बिता सकेंगे।