
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अगर आपके पास भी वॉट्सऐप या टेलीग्राम पर यूट्यूब वीडियो लाइक करने, गूगल पर रेटिंग देने या रील्स देखने के बदले रोजाना 2000 से 5000 रुपये कमाने का मैसेज आया है, तो संभल जाइए।
यह आपको करोड़पति बनाने का मौका नहीं, बल्कि आपकी जमा-पूंजी साफ करने का साइबर ठगों का बिछाया हुआ 'डिजिटल जाल' है। राजधानी में 'वॉच एंड अर्न' (Watch & Earn) के नाम पर बढ़ती ठगी की वारदातों को देखते हुए भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने नागरिकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी कर अलर्ट किया है।
साइबर क्राइम पुलिस ने इस पूरे स्कैम के पैटर्न को डिकोड किया है, जिसे ठग तीन चरणों में अंजाम देते हैं:
1. आसान काम और पहला संपर्क: ठग सबसे पहले वॉट्सऐप या टेलीग्राम के जरिए मैसेज भेजते हैं। वो कहते हैं कि आपको सिर्फ यूट्यूब वीडियो देखने हैं, पोस्ट लाइक करनी है या ऐप्स डाउनलोड करने हैं।
2. भरोसा जीतने के लिए पेमेंट: जैसे ही आप 2-3 वीडियो लाइक करते हैं, ठग आपके खाते में सचमुच 50, 100 या 200 रुपये (कुछ मामलों में हजारों रुपये तक) ट्रांसफर कर देते हैं। इससे पीड़ित को लगता है कि काम पूरी तरह असली है।
3. लालच का दलदल और महा-ठगी: जब पीड़ित का भरोसा पक्का हो जाता है, तब ठग उसे 'वीआईपी टास्क' या 'क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट' का लालच देते हैं। अधिक मुनाफे के चक्कर में लोग रजिस्ट्रेशन फीस या निवेश के नाम पर हजारों-लाखों रुपये ठगों के बताए खातों में जमा कर देते हैं। रकम मिलते ही ठग ग्रुप से ब्लॉक कर गायब हो जाते हैं।
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अगर आप इस डिजिटल जाल से सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो साइबर पुलिस की इन बातों को गांठ बांध लें:
सत्यापन जरूरी: किसी भी अनजान कंपनी के ऑनलाइन जॉब ऑफर या पार्ट-टाइम काम के मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
पैसे मांगे, तो सीधे 'नो' कहें: अगर कोई भी ऑनलाइन जॉब देने वाली कंपनी काम शुरू करने या बड़ा टास्क देने के बदले आपसे पहले पैसे (रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी डिपॉजिट) जमा करने को कहे, तो समझ जाएं कि वह 100% फ्रॉड है।
गोपनीयता ही सुरक्षा है: अपना बैंक खाता विवरण, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड या मोबाइल पर आया ओटीपी कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।
यदि अनजाने में आप ऐसे किसी झांसे में आ गए हैं और आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो बिना देर किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या [www.cybercrime.gov.in](https://www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।