भोपाल में बिना OTP शेयर किए 75 वर्षीय बुजुर्ग की FD से उड़े 7.94 लाख रुपये, बैंक वाले भी हैरान; पुलिस जांच में जुटी
अवधपुरी इलाके में एक रिटायर्ड बुजुर्ग के साथ करीब 7.94 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 21 May 2026 10:36:09 PM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 10:36:08 PM (IST)
रिटायर्ड बुजुर्ग की एफडी से निकाले गए 7.94 लाख रुपये( सांकेतिक फोटो)HighLights
- रिटायर्ड बुजुर्ग की एफडी से निकाले गए 7.94 लाख रुपये
- बिना ओटीपी साझा किए खाते से रकम निकलने का मामला
- बैंक पहुंचने पर साइबर ठगी का हुआ खुलासा, पुलिस जांच में जुटी
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अवधपुरी इलाके में एक रिटायर्ड बुजुर्ग के साथ करीब 7.94 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि ठगों ने बिना ओटीपी साझा कराए ही बैंक में जमा एफडी की रकम निकाल ली। मामले का खुलासा तब हुआ, जब बुजुर्ग अपनी एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार, श्रीधाम वाटिका अवधपुरी निवासी 75 वर्षीय अशोक कुमार निगम मंडीदीप स्थित एक कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने कुछ वर्ष पहले अवधपुरी स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में एफडी करवाई थी, जिसमें करीब आठ लाख रुपये जमा थे।
बीते 22 जनवरी को अशोक निगम एफडी की राशि निकालने बैंक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बैंक मैनेजर से खाते का स्टेटमेंट मांगा। स्टेटमेंट देखने पर पता चला कि उनकी एफडी से 7 लाख 94 हजार 700 रुपये पहले ही निकाले जा चुके हैं।
बैंक वाले भी हैरान
यह जानकारी मिलने पर अशोक निगम ने बैंक अधिकारियों को बताया कि उन्होंने न तो खुद कोई राशि निकाली है और न ही किसी को ओटीपी बताया है। इसके बावजूद खाते से रकम निकलने पर वह हैरान रह गए। इसके बाद बैंक मैनेजर ने उन्हें साइबर क्राइम थाने में शिकायत करने की सलाह दी।
साइबर क्राइम शाखा में केस दर्ज
फरियादी ने मामले की शिकायत भोपाल साइबर क्राइम शाखा में दर्ज कराई थी। जांच के बाद केस डायरी अवधपुरी थाना पुलिस को भेजी गई, जहां अब औपचारिक रूप से प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
साइबर ठगी की आशंका
एसआई संजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी की आशंका सामने आई है। मामले में बैंकिंग ट्रांजेक्शन और तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरियादी के विस्तृत बयान और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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