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एमपी में 7 महीने से अटके आयुष्मान भुगतान जारी करने की मांग, डॉक्टरों-कर्मचारियों के वेतन और दवाओं के अटके हैं पैसे

प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों, चिकित्सकों और चिकित्सा संगठनों की बैठक भोपाल में हुई। इसमें सात माह से लंबित आयुष्मान योजना के पात्र दावों का तत्काल ...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 10:50:41 PM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 10:50:41 PM (IST)
एमपी में 7 महीने से अटके आयुष्मान भुगतान जारी करने की मांग, डॉक्टरों-कर्मचारियों के वेतन और दवाओं के अटके हैं पैसे
भोपाल में निजी अस्पताल संचालकों व डॉक्टरों की बैठक।

HighLights

  1. भोपाल में निजी अस्पताल संचालकों व डॉक्टरों की बैठक
  2. 7 महीने से अटके पैसों को तुरंत जारी करने की उठी मांग
  3. डॉक्टरों-कर्मचारियों के वेतन और दवाओं के पैसे अटके

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों, चिकित्सकों और चिकित्सा संगठनों की बैठक भोपाल में हुई। इसमें सात माह से लंबित आयुष्मान योजना के पात्र दावों का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई।

वर्तमान और पुराने पोर्टल पर लंबित दावों के निपटारे की भी

संगठनों ने बताया कि अस्पताल मरीजों के उपचार, दवाओं, जांच, ऑपरेशन और डॉक्टरों-कर्मचारियों के वेतन पर खर्च कर चुके हैं, लेकिन भुगतान न होने से आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। बैठक में वर्तमान और पुराने पोर्टल पर लंबित दावों के निपटारे की भी मांग की गई।

एनएबीएच मान्यता और एकल खिड़की व्यवस्था की मांग

इसके साथ ही एनएबीएच (NABH) मान्यता की अनिवार्यता को समाप्त कर इसे स्वैच्छिक और प्रोत्साहन आधारित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। संगठनों ने कहा कि गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के मानक आवश्यक हैं, लेकिन इन्हें अस्पताल की क्षमता और संसाधनों के अनुरूप व्यावहारिक बनाना चाहिए। एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई, ताकि लाइसेंस लेने की प्रक्रिया सरल हो सके।


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डॉक्टरों की सुरक्षा और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया, जिसमें डॉक्टर संरक्षण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।