
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) कार्यालय में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए आयुक्त अभिषेक सिंह के कक्ष में घुस गए। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने आयुक्त के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। डीपीआई के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कहा कि गुरुवार शाम छह बजे के करीब प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आयुक्त के कक्ष में प्रवेश कर अभद्रता और हिंसा के प्रयास जैसी स्थिति पैदा की।
इससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ और अधिकारियों-कर्मचारियों में भय एवं असुरक्षा का माहौल बना। घटना के बाद लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारी और कर्मचारी लामबंद हो गए। उन्होंने आपात बैठक कर घटना की निंदा की।
कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और लोकसेवकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 21 अगस्त से सविनय कार्य अवज्ञा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रदेशभर के लोकसेवकों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
उनका यह भी कहना था कि इसके विरोध में शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों में काम नहीं होगा। इसके बाद डीपीआई अधिकारी पुलिस में लिखित शिकायत देने की तैयारी करने लगे। हंगामे की सूचना पर वहां पुलिस अधिकारी भी पहुंच गए थे।
रात नौ बजे एबीवीपी के वरिष्ठ पदाधिकारी डीपीआई पहुंचे। वहां उन्होंने आयुक्त से बातचीत कर माफी मांगी। उसके बाद अधिकारी एफआइआर कराने से पीछे हट गए।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर चुके कुछ अभ्यर्थियों को चयन सूची में जगह नहीं मिली है। आवेदन करते समय इन लोगों के पास बीएड या डीएलएड की डिग्री नहीं थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन के समय नियमावली में बीएड-डीएलएड अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों के लिए छूट थी, लेकिन बाद में विभाग ने नियमों में बदलाव कर दिया। ये लोग पिछले 12 दिनों से डीपीआई के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। एबीवीपी कार्यकर्ता इनके समर्थन में ही प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
"छात्र संगठन के कार्यकर्ता अचानक केबिन में घुस आए। करीब तीन चार मिनट बहस हुई। इसके बाद कार्यालय के कर्मचारी व अधिकारी आ गए और पुलिस को भी सूचना दी गई। तत्काल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। उन्हें माफ कर दिया गया है। कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी है।" - अभिषेक सिंह, आयुक्त, डीपीआई