
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से थाने तक कार्रवाई के लिए भटकता रहा युवक, पांच घंटे इंतजार के बाद खाया जहर, मरने से पहले 13 मिनट के वीडियो में सुनाई आपबीती। ठगी के मामले में शिकायत करने अशोका गार्डन थाने पहुंचे एक फरियादी की पुलिस ने सुनवाई नहीं की, परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली।
मौत से करीब पांच घंटे पहले तक वह कार्रवाई के लिए पुलिस से मिन्नतें करता रहा। जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने थाना परिसर में ही सल्फास खा लिया। उसकी तबीयत बिगड़ी तो पुलिस उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां इलाज के दौरान बुधवार रात को उसकी मौत हो गई। मौत से पहले नरेंद्र ने करीब 13 मिनट का एक वीडियो बनाकर ठगी की पूरी कहानी बताने के साथ पुलिस की बेरुखी का दर्द भी बयां किया।
मूलतः विदिशा जिले के सतियाखेड़ी गांव का रहने वाला नरेंद्र पिछले करीब 10 साल से पत्नी प्रतीक्षा के साथ अशोका गार्डन क्षेत्र के सेमरा में रह रहा था। वह रैपिडो चलाकर परिवार का खर्च उठाता था। नरेंद्र के अनुसार कटारा हिल्स क्षेत्र में रहने वाले पुलक सक्सेना से उसकी करीब छह साल पुरानी पहचान थी। चार साल पहले पुलक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर 12 लाख 85 हजार रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया।
शुरुआत में प्रक्रिया के नाम पर 10,500 रुपये लिए। इसके बाद ऑनलाइन और अन्य खर्च बताकर करीब 25 हजार रुपये और लिए। कुछ समय बाद लोन स्वीकृत होने की बात कहकर 2.85 लाख रुपये मांगे। नरेंद्र ने यह रकम भी अलग-अलग किस्तों में दे दी। इसके बाद प्रक्रिया के नाम पर करीब दो लाख रुपये और ले लिए गए। इस तरह कुल रकम करीब साढ़े पांच लाख रुपये तक पहुंच गई, लेकिन लोन नहीं मिला।
पत्नी प्रतीक्षा ने बताया कि रकम लेने के बाद पुलक ने बताया कि लोन कराने वाला व्यक्ति रुपये लेकर भाग गया है। जब नरेंद्र ने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे जवाब मिला कि मर जाओ, रुपये नहीं दूंगा। लोन नहीं मिलने के बावजूद नरेंद्र पर उधार चुकाने का दबाव बढ़ता गया। पिछले एक साल से वह इस परेशानी से जूझ रहा था। पत्नी का आरोप है कि उसने पहले भी थाने में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय भी पहुंचा था। वहां आवक-जावक शाखा में शिकायत देकर रसीद ली थी।
प्रतीक्षा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे नरेंद्र घर से खाना बनाने की बात कहकर निकला था। वह अशोका गार्डन थाने पहुंचा और दोपहर करीब दो बजे तक पत्नी को कई बार फोन किए। आरोप है कि उसे शाम को आने और टीआई से मिलने के लिए कहा गया था। दोबारा थाने पहुंचने पर भी उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने आगंतुक कक्ष में सल्फास खा लिया। शाम करीब सात बजे पत्नी को थाने से सूचना मिली। हमीदिया अस्पताल पहुंचने पर नरेंद्र ने सल्फास खाने की बात बताई। गुरुवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
नरेंद्र ने मौत से पहले बनाए वीडियो में पुलक सक्सेना को अपने इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया। उसने बताया कि किस तरह लोन के नाम पर उससे रकम ली गई, कर्ज बढ़ता गया और रकम वापस मांगने पर भी उसे राहत नहीं मिली। उसने सरकार से आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति इस तरह ठगी का शिकार न हो। वीडियो में उसकी पीड़ा का सबसे अहम पहलू यह था कि वह खुद को कमजोर या बुजदिल नहीं मानता था, लेकिन लगातार ठगी, कर्जदारों के दबाव और मदद के लिए भटकने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से वह टूट गया था।
अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि नरेंद्र ने थाने के बाहर जहर खाया था। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के समय वह टीटी नगर क्षेत्र में एक राजनीतिक कार्यक्रम की ड्यूटी पर थे। उनका दावा है कि नरेंद्र दो बार थाने आया था, लेकिन सिर्फ थाना प्रभारी के बारे में पूछकर लौट गया।
युवक ने कमिश्नर कार्यालय में आवक-जावक शाखा में शिकायती आवेदन दिया था। उसकी किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं हुई थी। मौत के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। - संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर