
अंजली राय, नवदुनिया, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई नियमित शिक्षकों की कमी के कारण अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रही है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के अतिथि शिक्षक पोर्टल 3.0 के आंकड़ों के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 77,247 अतिथि शिक्षक स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं।
यह संख्या सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी की स्थिति को उजागर करती है। इनमें सबसे अधिक रिक्तियां माध्यमिक स्तर पर हैं। डीपीआई के अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी को देखते हुए सेवानिवृत्ति और स्थानांतरण से खाली हुए पदों को पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है, ताकि जरूरत वाले स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जा सके। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, यह विभाग की प्राथमिकता है।
आंकड़ों के अनुसार माध्यमिक स्कूलों में करीब 43 हजार नियमित शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें अंग्रेजी विषय के करीब 15 हजार, गणित के 10 हजार और सामाजिक विज्ञान के करीब आठ हजार पदों पर अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। वहीं प्राथमिक स्तर पर करीब 19 हजार और उच्च माध्यमिक स्तर पर करीब 15 हजार पद खाली हैं।
उच्च माध्यमिक स्तर पर हिंदी के करीब 2200, जीवविज्ञान के 1800, राजनीति विज्ञान के 1500, अर्थशास्त्र के 1400 और अंग्रेजी के करीब 1500 अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं।ऐसे में विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई के लिए अतिथि शिक्षकों पर निर्भरता बनी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में हर साल करीब 10 से 12 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त होते हैं। इसके अलावा लगभग 10 हजार शिक्षकों के स्थानांतरण भी होते हैं। इससे हर साल करीब 20 से 25 हजार पद रिक्त हो जाते हैं। इन पदों पर आवश्यकता के अनुसार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है।
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स्कूलों में वार्षिक व बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर शिक्षकों के खाली पदों को अपडेट किया जा रहा है, ताकि अतिथि शिक्षकों को पदस्थ किया जा सके।- धर्मेन्द्र शर्मा, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण