Bhopal बड़े तालाब पर अतिक्रमण का खुलासा... 50 मीटर दायरे में पर्यटन विभाग का ‘सैरसपाटा’, एक किमी में 10 कब्जे मिले
भोपाल के बड़े तालाब के सीमांकन में एक किलोमीटर क्षेत्र में 10 अतिक्रमण मिले। इनमें पर्यटन विभाग का सैरसपाटा भी 50 मीटर प्रतिबंधित दायरे में पाया गया, ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 09:53:40 AM (IST)Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 10:05:17 AM (IST)
बड़े तालाब के आसपास अतिक्रमण का मामला। (फाइल फोटो)नईदुूनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल की जीवनरेखा माने जाने वाले बड़े तालाब के आसपास अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सामने आया है। सीमांकन के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि न केवल निजी लोगों ने तालाब के आसपास कब्जे किए हैं, बल्कि सरकारी विभाग भी इससे अछूते नहीं हैं।
टीटीनगर क्षेत्र में किए जा रहे सीमांकन के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा विकसित ‘सैरसपाटा’ परिसर भी फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में पाया गया है। राजस्व अमले द्वारा महज एक किलोमीटर क्षेत्र के सीमांकन में ही 10 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें नौ निजी और एक सरकारी निर्माण शामिल है।
एक किलोमीटर क्षेत्र में मिले 10 अतिक्रमण
- राजस्व, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) और झील संरक्षण प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम ने सोमवार को टीटीनगर वृत्त के तहत बड़े तालाब का सीमांकन शुरू किया। सीमांकन ग्राम सेवनिया गौंड़ के भदभदा पुल से प्रारंभ किया गया।
- अधिकारियों के अनुसार केवल एक किलोमीटर क्षेत्र में ही 10 अतिक्रमण सामने आए। इनमें से नौ निजी लोगों द्वारा किए गए हैं, जिनमें फेंसिंग, टीन शेड, स्विमिंग पूल और अन्य पक्के निर्माण शामिल हैं। वहीं एक प्रमुख अतिक्रमण पर्यटन विभाग द्वारा विकसित सैरसपाटा परिसर का भी पाया गया।
पर्यटन विभाग का सैरसपाटा भी दायरे में
- सीमांकन के दौरान यह सामने आया कि पर्यटन विभाग द्वारा विकसित सैरसपाटा परिसर भी एफटीएल से 50 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में आ रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने लगभग 24.56 एकड़ क्षेत्र में सैरसपाटा का निर्माण कराया था।
इस परिसर का संचालन 29 सितंबर 2011 से किया जा रहा है और अवकाश के दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि सीमांकन में इसका हिस्सा भी प्रतिबंधित दायरे में आने से अब इस पर सवाल उठने लगे हैं। मशीन नहीं मिली तो इंची टेप से किया सीमांकन
- बड़े तालाब के सीमांकन के लिए टोटल स्टेशन मशीन (टीएसएम) से गूगल मैपिंग आधारित नाप-जोख की योजना थी, लेकिन मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में राजस्व और नगर निगम के अमले को पारंपरिक तरीके से सीमांकन करना पड़ा।
- टीम ने एफटीएल मुनारों से इंची टेप लगाकर 50 मीटर के दायरे की नाप की। इसी कारण सीमांकन की प्रक्रिया धीमी रही और सोमवार को केवल एक किलोमीटर क्षेत्र में ही जांच पूरी हो सकी।
पहले भी मिले थे करीब 200 अतिक्रमण
- बड़े तालाब के सीमांकन की कार्रवाई 25 फरवरी से संत हिरदाराम नगर वृत्त के वीआईपी रोड क्षेत्र से शुरू हुई थी। यह कार्रवाई भैंसाखेड़ी तक की जा चुकी है।
- इस दौरान करीब 200 छोटे-बड़े अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें कई निजी निर्माण शामिल हैं, जिन पर आगे कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एफटीएल मुनार के पास बन रही आलीशान कोठी
- सीवनिया गौंड़ क्षेत्र में एक और गंभीर मामला सामने आया है। यहां सूरज नगर से बिशनखेड़ी के बीच बड़े तालाब की एफटीएल मुनार से महज चार फीट दूर एक आलीशान कोठी का निर्माण किया जा रहा है।
- कोठी तक पहुंचने के लिए रास्ता भी बनाया गया है। जबकि नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े तालाब से 250 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है।
पर्यावरणविदों ने उठाए सवाल
- पर्यावरणविदों का कहना है कि बड़े तालाब के आसपास वर्षों से प्रभावशाली लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जा रहे हैं। पर्यावरणविद राशिद नूर खान के अनुसार इस क्षेत्र में कई बड़े और रसूखदार लोगों ने अवैध निर्माण कर रखे हैं।
- इन अतिक्रमणों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में भी याचिका दायर की जा चुकी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े तालाब का पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो सकता है।
दस्तावेजों की जांच के बाद होगी कार्रवाई
- राजस्व अधिकारियों ने बताया कि सीमांकन के दौरान जिन निर्माणों को एफटीएल और 50 मीटर दायरे में पाया गया है, उन्हें लाल निशान लगाकर चिह्नित किया गया है। संबंधित विभागों और निजी लोगों से 2022 से पहले की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।
- दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह तय किया जाएगा कि निर्माण वैध हैं या अवैध। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का बयान
टीटीनगर तहसीलदार कुणाल राउत के अनुसार बड़े तालाब का सीमांकन भदभदा पुल से शुरू किया गया है। अब तक एक किलोमीटर क्षेत्र में 10 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें नौ निजी और एक सैरसपाटा परिसर से जुड़ा मामला सामने आया है। सभी के दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।