
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मप्र बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से और पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा 20 फरवरी से शुरू होंगी। वहीं शासन ने एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस (एस्मा) लगा दिया है। यह एक फरवरी से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा। तीन माह तक शिक्षक सामान्य के साथ महिला शिक्षिक भी संतान पालन अवकाश (सीसीएलई) भी नहीं ले पाएंगी। साथ ही शिक्षक आंदोलन या धरना-प्रदर्शन तक नहीं कर पाएंगे। प्रदेश के स्कूलों में एक फरवरी को एस्मा लग जाएगा। इसके पहले सभी विभिन्न विभागों में अटैच शिक्षकों को स्कूलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद ही उन्हें फरवरी का वेतन मिलेगा।
इस संबंध में अभी सिर्फ भोपाल जिले के शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया है। भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने 300 अटैच शिक्षकों को कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं कलेक्टर के आदेश से बीएलओ कार्य में लगे शिक्षकों में ड्यूटी को लेकर असमंजस की स्थिति है। राजधानी में 300 ऐसे शिक्षक हैं जो मुख्य पदांकित संस्था छोड़ अपनी पसंद की जगहों पर सालों से अटैच हैं। बता दें कि प्रदेश के करीब छह हजार शिक्षक विभिन्न विभागों में अटैच हैं। साथ ही करीब 15 हजार शिक्षक विशेष पुनरीक्षण कार्य (एसआइआर) में लगे हैं।
शासन द्वारा जारी आदेश के बाद डीईओ ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि 31 जनवरी तक शिक्षकों की ई-सेवा पुस्तिका अपडेट होगी। इस कारण सभी शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म किया जा रहा है। सभी शिक्षक अपनी उपस्थिति अपने मूल पदांकित स्कूल में देंगे। वे 31 जनवरी तक अपनी ई-सेवा पुस्तिका में अपडेट कराएंगे। तभी फरवरी का वेतन मूल पदांकित स्कूल में उपस्थिति देने के बाद दिया जाएगा। हालांकि संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही कई शिक्षक अटैच हैं।
एसआइआर कार्य में लगे शिक्षकों की सूची बुलाकर उन्हें परीक्षा में ड्यूटी करने कार्यमुक्त किया जाएगा। अटैच शिक्षक अपने मूल स्कूल में उपस्थिति देंगे। तभी उनका फरवरी में वेतन जारी होगा। - एनके अहिरवार, डीईओ, भोपाल
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