नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। आरटीओ परिसर के पीछे बन रहे रानी अवंती बाई ट्रांसपोर्ट नगर की सरकारी जमीन पर मेडिकल स्ट्रिप और सिरप की बोतलें खुले में जलाई जा रही हैं।
आग से उठ रहा जहरीला धुआं आसपास के लोगों की सेहत के लिए खतरा बन रहा है। जिन एजेंसियों पर कानून लागू करने और लोगों की सेहत की सुरक्षा का जिम्मा है उनको इसकी भनक तक नहीं।
गड्ढों में डालकर जलाया मेडिकल वेस्ट
कोकता स्थित आरटीओ दफ्तर के पीछे रानी अवंती बाई ट्रांसपोर्ट नगर का खाली प्लाट है। डी सेक्टर के इस हिस्से में नगर निगम का संकेतक और परियोजना की कार्ययोजना का बोर्ड लगा है। इसी जमीन पर जगह जगह कई गड्ढों में दवाओं की स्ट्रीप, सिरप की बोतल, इंजेक्शन के वायल के ढेर पड़े हुए हैं।
इसमें से कई ढेर में आग लगाई हुई थी। जिससे निकला धुंआ आसपास फैल रहा था। कई गड्ढों में राख जमी हुई थी उसके बीच में दवाओं के अधजले पैकेट और स्ट्रीप नजर आ रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा यहां अक्सर होता रहता है। यह किसी ने नहीं बताया कि इन दवाओं को यहां कौन फेंककर आग लगा जाता है। यह गैर कानूनी काम आरटीओ परिसर से सटी जमीन पर हो रहा है, लेकिन यहां भी किसी को फर्क नहीं पड़ रहा।
आरटीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण नगर निगम कर रहा है, यह उनके परिसर से दूर है।
क्या कहते हैं नियम
- बायोमेडिकल वेस्ट रूल्स 2016 के तहत एक्सपायर्ड दवाओं का निस्तारण सिर्फ अधिकृत सीबीडब्ल्यूटीएफ के इंसिनरेटर में ही हो सकता है। इन्हें खुले में जलाना, गाड़ना या कचरे में फेंकना अपराध है।
- हर अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल स्टोर को सीबीडब्ल्यूटीएफ से सालाना कॉन्ट्रैक्ट अनिवार्य है।
- दवाओं को पीला, लाल, नीला और सफेद कलर कोडेड बैग में अलग कर निस्तारण के लिए भेजा जाता है।
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत पांच साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
यह गंभीर मामला है। बायोमेडिकल वेस्ट को खुले में जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ट्रांसपोर्ट नगर और आरटीओ परिसर का निरीक्षण कराया जाएगा। दोषियों पर कार्रवाई होगी।- नीतेश चौरसिया, रीजनल आफिसर, पीसीबी
एक्सपायर्ड दवाओं की निगरानी की जाती है। अगर ऐसा हुआ है तो प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई होगी। ये मामला प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के दायरे में भी आता है।- कन्हैया अग्रवाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर।
निजी अस्पतालों को इंसिनरेटर के लिए सीबीडब्ल्यूटीएफ से सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। ट्रांसपोर्ट नगर में दवाएं जलने की सूचना गंभीर है। जांच कराई जाएगी।- मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल।