
डिजिटल डेस्क, भोपाल। भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब उग्र प्रदर्शनकारी सुरक्षा के तीन घेरों को पार कर पुलिस की एक बस तक पहुंच गए और उसे चलाने की कोशिश करने लगे।
हालात बिगड़ते देख एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मोनिका शुक्ला खुद बस के सामने खड़ी हो गईं। उनके इस साहसिक कदम के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट गए और संभावित बड़ा हादसा टल गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एनडीटीवी के अनुसार, मोनिका शुक्ला ने बताया कि यह फैसला उन्होंने मौके की परिस्थितियों को देखते हुए तुरंत लिया। उनके मुताबिक प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बस चलाने की कोशिश कानून के खिलाफ थी। इसलिए उन्होंने आगे बढ़कर बस को रोकने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि उनके सामने आते ही प्रदर्शनकारी बस छोड़कर पीछे हट गए।
मोनिका शुक्ला ने कहा कि उन्हें इस तरह की स्थिति में डर नहीं लगता, क्योंकि आंदोलनकारी भी समाज के ही लोग होते हैं। उनका कहना था कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में न ले। साथ ही आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से चलता रहे।
True courage isn't found in staged photos.
When a school bus came under threat during a farmers' protest, Additional Police Commissioner Monika Shukla stood her ground & shielded innocents kids until danger passed.
That is what real service & a true hero in uniform look like. pic.twitter.com/F0DV7isnAm
— Vishnu Vardhan Reddy (@SVishnuReddy) July 30, 2026
यह पहला अवसर नहीं है, जब मोनिका शुक्ला ने चुनौतीपूर्ण हालात में अग्रिम मोर्चा संभाला हो। करीब एक दशक पहले भोपाल के संवेदनशील काजी कैंप इलाके में सड़क हादसे के बाद भीड़ उग्र हो गई थी। उस समय भी वह अकेले सरकारी वाहन से घटनास्थल पहुंची थीं और सख्ती व सूझबूझ के साथ स्थिति को नियंत्रित किया था।
यह भी पढ़ें- Datia Bypoll: दतिया में मतदान के बाद नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान, बोले- कांग्रेस हार देखकर ही आरोप लगाती है
मध्य प्रदेश पुलिस में मोनिका शुक्ला की पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में की जाती है, जो कठिन परिस्थितियों में खुद नेतृत्व करते हुए मौके पर मौजूद रहती हैं। भोपाल किसान आंदोलन के दौरान उनका यह कदम एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।