
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में किसानों को खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य खाद यदि फार्मर आईडी नहीं है तो भी मिलेगी। उन्हें ई विकास पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जिसे ऑनलाइन संबंधित एसडीएम को अग्रेषित किया जाएगा। उन्हें 24 घंटे के भीतर इसका समाधान करना होगा।
खाद के लिए टोकन अब 24 घंटे बनेंगे। अभी ये सुबह सात से रात आठ बजे तक बन रहे थे। भारतीय किसान संघ ने इसकी अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया था, जिसे स्वीकार कर प्रक्रिया में संशोधन किया गया है।
खाद को लेकर हर सीजन में मचने वाली मारामारी को देखते हुए सरकार ने ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था बनाई है। इसमें किसान ई-विकास पोर्टल के माध्यम से सुबह सात से शाम आठ बजे के बीच एग्रीस्टेक आइडी (फार्मर आइडी) में दर्ज रकबे (क्षेत्रफल) एवं फसल के आधार पर ऑनलाइन टोकन बुक कर खाद खरीद सकते हैं। इसके लिए पंजीयन मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी के माध्यम से होता है।
इस प्रक्रिया में ओटीपी न आने, फार्मर आइडी न बनने, बंटाईदार होने पर खाद मिलने में आ रही परेशानी का मुद्दा भारतीय किसान संघ ने उठाया। इसे लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों ने संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक की और यह तय किया गया कि फार्मर आइडी नहीं है तो किसान ऑनलाइन आवेदन करेगा, जिसे एसडीएम के पास भेजा जाएगा। उसे 24 घंटे में क्षेत्रफल आदि का ब्योरा देते हुए अनुमति देनी होगी।
चूंकि, बोवनी का समय पास आ रहा है इसलिए टोकन 24 घंटे बनाने की व्यवस्था बनाई गई है। टोकन तीन दिन तक वैध रहेगा। किसान यदि सहकारी समिति का सदस्य है तो संबंधित दुकानों का टोकन मिलेगा। यदि सदस्य नहीं है, तो उसे दूसरी दुकानें बताई जाएंगी। एक माह में किसी भी किसान को 50 बोरी से अधिक खाद नहीं मिलेगी।
यह भी पढ़ें- MP में फिल्म शूटिंग की अनुमति अब चुटकियों में, ADM-SDM बनेंगे नोडल अधिकारी, सरकार ने प्रक्रियाओं को किया बेहद सरल
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अभी 14 लाख टन से अधिक खाद उपलब्ध है। इसमें साढ़े छह लाख टन यूरिया, चार लाख टन डीएपी-एनपीके और साढ़े तीन लाख टन सुपर फास्फेट है। डीएपी-एनपीके की आवक भी प्रारंभ हो गई है, इसलिए खाद की फिलहाल कोई कमी नहीं है।