भोपाल में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका के चलते 12 लाख का घी जब्त, नमूने जांच के लिए भेजे
प्रथम दृष्टया गुणवत्ता संदिग्ध मिलने के बाद विभाग ने पूरा स्टाक सील कर दिया है। अब घी की सप्लाई चेन में शामिल निर्माता, सुपर स्टाकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 11:41:16 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 11:46:09 PM (IST)
खाद्य विभाग की टीम द्वारा जब्त किया गया घी - विभागHighLights
- जब्त घी की कीमत करीब 12.66 लाख रुपये बताई गई है।
- संदिग्ध मिलने के बाद विभाग ने पूरा स्टाक सील कर दिया है।
- सुपर स्टाकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और विक्रेताओं की जांच शुरू हुई।
नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को पटेल नगर स्थित श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स से करीब 2,095 लीटर/किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया है। जब्त घी की कीमत करीब 12.66 लाख रुपये बताई गई है।
प्रथम दृष्टया गुणवत्ता संदिग्ध मिलने के बाद विभाग ने पूरा स्टाक सील कर दिया है। अब घी की सप्लाई चेन में शामिल निर्माता, सुपर स्टाकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और विक्रेताओं की जांच शुरू कर दी गई है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि सूचना के आधार पर 58 पटेल नगर, हमीदिया रोड स्थित श्रीराम डिस्ट्रीब्यूटर्स पर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान धौलपुर फ्रेश दानेदार देसी घी और गोवर्धन प्योर काउ घी की बड़ी मात्रा में पैकिंग मिली।
घी की गुणवत्ता संदिग्ध लगी, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत पूरा स्टाक जब्त कर लिया गया हैं। धौलपुर फ्रेश घी करीब 655 किलोग्राम (कीमत करीब 4.48 लाख रुपये) और गोवर्धन घी करीब 1,440 लीटर (कीमत करीब 8.18 लाख रुपये) शामिल है। विभाग ने दोनों उत्पादों के विधिक नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे हैं।
इंदौर से भोपाल आया था घी
- उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि यह घी इंदौर स्थित सुपर स्टाकिस्ट और सीएंडएफ एजेंटों के माध्यम से भोपाल पहुंचा था।
- निर्माता से लेकर रिटेलर तक पूरी सप्लाई चेन की पड़ताल की जा रही है।
- रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कंपनियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शिवराज पावक ने साफ किया है कि दूध, घी, पनीर और मावा सहित सभी दुग्ध उत्पादों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।
- उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।