
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। राज्य सरकार ने अपने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया 20 जुलाई से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा है। सभी विभागों से कहा गया है कि विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकें जल्दी-जल्दी करके पदोन्नति आदेश जारी कर दिए जाएं।
दरअसल, सरकार चाहती है कि हाई कोर्ट में पदोन्नति नियम 2025 को लेकर कोई भी निर्णय आने से पहले प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। विभागों में पदोन्नति को लेकर बैठकें लगातार चल रही हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सामान्य प्रशासन विभाग से एक जुलाई से अब तक की गईं पदोन्नतियों की रिपोर्ट मांगी हैं।
उधर, विधानसभा सचिवालय में प्रथम श्रेणी के 15, द्वितीय श्रेणी के 40, तृतीय श्रेणी के 93 एवं चतुर्थ श्रेणी के 34 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया। पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के प्रति आभार जताते हुए उनका सम्मान किया।
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गौरतलब है कि मध्य प्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2002 को हाईकोर्ट द्वारा रद किए जाने के लगभग 10 वर्ष बाद पदोन्नति की प्रक्रिया आरंभ की गई है। इस दौरान लगभग एक लाख कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो चुके हैं।