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MP में कर्मचारियों के प्रमोशन में लापरवाही, रिटायरमेंट के बाद सूची में नाम जोड़ा, महकमे में खलबली

जल्दबाजी में जारी की गई इस सूची में बाबूओं की लापरवाही और प्रशासनिक चूक के मामले सामने आने के बाद अब जिलों में तैनात डीएसपी और प्रभावित पुलिस अधिकारी ...और पढ़ें

By Brijendra RishishwarEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 06:36:23 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 08:02:47 PM (IST)
MP में कर्मचारियों के प्रमोशन में लापरवाही, रिटायरमेंट के बाद सूची में नाम जोड़ा, महकमे में खलबली
मध्‍य प्रदेश में पदोन्‍नति की हलचल।

HighLights

  1. गृह विभाग के पदोन्नति आदेश से पुलिस महकमे में मची खलबली।
  2. बाबूओं की लापरवाही सामने, रिटायरमेंट के बाद सूची में जोड़ा नाम।
  3. नाम के कन्फ्यूजन के कारण रूक गया प्रोमोशन, अब मच रहा बवाल।

नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा हाल ही में जारी की गई 139 पुलिस निरीक्षकों (टीआइ) की बहुप्रतीक्षित डीएसपी पदोन्नति सूची विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गई है।

जल्दबाजी में जारी की गई इस सूची में बाबूओं की लापरवाही और प्रशासनिक चूक के मामले सामने आने के बाद अब जिलों में तैनात डीएसपी और प्रभावित पुलिस अधिकारी न्याय की गुहार लगाने पुलिस मुख्यालय और मंत्रालय के चक्कर काटने को मजबूर हो गए हैं।

इस सूची का सबसे चौंकाने वाला मामला रेडियो शाखा के निरीक्षक संतोष कुमार गुप्ता का है। वे 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन गृह विभाग ने उनके सेवानिवृत्ति के करीब तीन महीने बाद उनका नाम डीएसपी पदोन्नति सूची में शामिल कर दिया।


पुलिस महकमे में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि यह सेवानिवृत्ति से पूर्व देय (नोटेशनल) पदोन्नति का मामला है या फिर बड़ी प्रशासनिक चूक।

फिलहाल गृह विभाग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।दूसरी बड़ी लापरवाही नाम के कन्फ्यूजन'' के कारण सामने आई है।

1992 बैच के एसआइ वीरेंद्र चौहान, जो भोपाल के कई थानों में थाना प्रभारी रहे हैं और वर्तमान में साइबर मुख्यालय में कार्यवाहक डीएसपी का प्रभार संभाल रहे हैं, पदोन्नति से वंचित रह गए।

बाबूओं ने उनके ही बैच के दूसरे वीरेंद्र चौहान (चेस्ट नंबर 121) के खाते की विभागीय जांच (डीइ) साइबर सेल वाले वीरेंद्र चौहान के खाते में दर्ज कर दी।

इस तकनीकी और कागजी गलती की वजह से योग्य होने के बावजूद वीरेंद्र चौहान का प्रमोशन रुक गया। इस सूची के सामने आने के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

यह अधिकारी अब मंत्रालय और पीएचक्यू के वरिष्ठ अफसरों के सामने अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, ताकि बाबूओं की इन गलतियों को जल्द से जल्द सुधारा जा सके।