
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर की सड़कों पर जाम, बेतरतीब पार्किंग, मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों से संकरी होती सड़कें और नो एंट्री के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही...। ट्रैफिक से जुड़ी इन समस्याओं को लेकर शहरवासियों ने मंगलवार को हैलो नवदुनिया कार्यक्रम में ट्रैफिक के प्रभारी डीसीपी बसंत कौल से सीधे सवाल किए। लोगों ने यह भी पूछा कि जिन चौराहों पर रोज जाम लगता है, वहां ट्रैफिक पुलिस नजर क्यों नहीं आती, जबकि पिकनिक स्पॉट पर भी सड़क किनारे खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।
डीसीपी ने कहा कि जाम वाले स्थानों पर ट्रैफिक बल तैनात किया जाता है और व्यवस्था में लापरवाही नहीं बरती जाती। न्यूमार्केट और रंगमहल रोड पर अवैध पार्किंग की समस्या पर भी उन्होंने अतिरिक्त ध्यान देने की बात कही।
सवाल: न्यूमार्केट में पार्किंग के बावजूद सड़क पर वाहन खड़े होते हैं, मेट्रो की बैरिकेडिंग से रंगमहल रोड भी संकरी है। जाम से कैसे मिलेगी राहत? (महेश दुबे, न्यूमार्केट)
जवाब: न्यूमार्केट में सड़क किनारे पार्किंग की व्यवस्था है। इसके अलावा स्मार्ट सिटी की बड़ी पार्किंग भी उपलब्ध है। इसके बावजूद कई लोग वहां वाहन खड़ा करने के बजाय सड़क पर ही बेतरतीब पार्किंग कर देते हैं, जो ट्रैफिक की रफ्तार धीमी कर देते हैं। ट्रैफिक पुलिस रोजाना क्रेन की मदद से ऐसे वाहनों को हटाती है और अवैध पार्किंग के चालान भी बनाती है। रंगमहल रोड पर मेट्रो निर्माण के कारण उत्पन्न समस्या की जानकारी दी गई है, इसलिए इस हिस्से पर अब अधिक ध्यान दिया जाएगा।
सवाल: जहां रोज जाम लगता है, वहां पुलिस नहीं दिखती, लेकिन कलियासोत-केरवा जैसे पिकनिक स्पाट पर पार्किंग के चालान के लिए पुलिस पहुंच जाती है? (राहुल शर्मा, कोलार)
जवाब: ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी पूरे शहर की यातायात व्यवस्था संभालने की है। जिन चौराहों और तिराहों पर लगातार जाम की स्थिति रहती है, वहां ट्रैफिक बल की तैनाती की जाती है। इन स्थानों पर लापरवाही नहीं बरती जाती। आवश्यकता होने पर अतिरिक्त बल भी तैनात किया जाएगा। पिकनिक स्पाट पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, इसलिए वहां भी यातायात व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। इन स्थानों से शिकायतें मिलने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालने और नियमों का पालन कराने के लिए पहुंचते हैं।
सवाल: मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों से सड़कें खुदी हैं, डायवर्जन की व्यवस्था भी कई जगह नहीं है। ट्रैफिक पुलिस का क्या प्लान है?(शैलेंद्र सोनी, कटारा हिल्स)
जवाब: तेजी से विकसित हो रहे भोपाल में सड़क चौड़ीकरण, पुल और मेट्रो जैसे निर्माण जरूरी हैं। ये काम भविष्य में शहरवासियों की सुविधा के लिए ही किए जा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस निर्माण एजेंसियों से काम तय समय में पूरा करने के लिए लगातार कहती है। अधिकतम निर्माण स्थलों पर नवंबर में काम पूरा करने की अंतिम तारीख दी गई है। काम पूरा होने के बाद लोगों को आवाजाही में राहत मिलने की उम्मीद है।
सवाल: नो एंट्री के बावजूद भारी वाहन शहर में आ जाते हैं। हादसे और जाम के साथ धूल की समस्या भी बढ़ती है। इन्हें क्यों नहीं रोका जाता? (मनोज राजपूत, चौकसे नगर)
जवाब: शहर में सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री है। हालांकि शहर के भीतर कुछ औद्योगिक क्षेत्र हैं, जहां अत्यावश्यक कार्य के लिए वाहनों को प्रवेश देना पड़ता है। इसके लिए कलेक्टर की अनुमति जरूरी है और निर्धारित अवधि में ही वाहन प्रवेश कर सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस दिन में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों की अनुमति की जांच करती है। बिना अनुमति वाहन मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
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सवाल: ऑनलाइन लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद टेस्ट के लिए बुलावा नहीं आता तो क्या करें? (राजेश, नर्मदापुरम रोड)
जवाब: आरटीओ की ऑनलाइन पोर्टल सुविधा के माध्यम से लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के बाद 60 दिन के भीतर टेस्ट के लिए बुलाया जाता है। यदि निर्धारित समय में बुलावा नहीं आता है तो आनलाइन शिकायत की जा सकती है। आवेदन के बाद टेस्ट होता है, जिसके आधार पर पहले लर्निंग और फिर स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर आवेदक के पते पर भेजा जाता है।