
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने का अभियान शुरू किया जा रहा है। ब्याज अनुदान योजना (इंट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम- आईएसएस) घटक के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को गृह ऋण पर अधिकतम 1.80 लाख तक का ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
यह लाभ निर्धारित शर्तों के अधीन एक सितंबर 2024 को या उसके बाद स्वीकृत एवं वितरित पात्र गृह ऋणों पर भी लागू रहेगा। निकाय में प्रत्येक शुक्रवार (अथवा स्थानीय आवश्यकतानुसार किसी अन्य निर्धारित दिवस पर) विशेष क्रेता-विक्रेता शिविर लगेंगे। इनमें बैंकों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) तथा शासकीय एवं निजी बिल्डर्स/डेवलपर्स को एक साथ मंच पर आमंत्रित किया जा रहा है।
शिविर में आने वाले पात्र हितग्राहियों को गृह ऋण प्राप्त करने तथा आईएसएस घटक के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ लेने के लिए ऑन-द-स्पॉट मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026' के अंतर्गत आयोजित होने वाले शिविर में भी आईएसएस घटक को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है।
यूनिफाइड वेब पोर्टल पर आईएसएस घटक के नवीन आवेदन प्रस्तुत करने के लिए निकायों की श्रेणी के अनुसार लक्ष्य तय किए गए हैं। इंदौर और भोपाल नगर निगम के लिए 50-50 हजार, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन नगर निगम के लिए 25-25 हजार तथा शेष 11 नगर निगमों के लिए 10-10 हजार आवेदन का लक्ष्य है। समस्त नगर पालिका परिषदों के लिए 500-500 और नगर परिषदों के लिए 100-100 आवेदन का लक्ष्य रखा गया है।
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इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक सितंबर 2024 के बाद भवन अनुज्ञा प्राप्त करने वाले नागरिकों से संपर्क कर उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा। योजना के सुचारू संचालन और स्वीकृतियों में प्रगति लाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय के नगरीय निकायों द्वारा जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलबीसी) की बैठक प्रत्येक माह जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित की जाएगी। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।