
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने वाली भारतीय नौसेना में शामिल होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। नौसेना मुख्यालय, नई दिल्ली ने अग्निवीर (अप्रेंटिस) भर्ती 01/2027 एवं 02/2027 बैच के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।
भर्ती प्रक्रिया भारतीय नौसेना प्रवेश परीक्षा (INET 2/2026) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें सिर्फ अविवाहित भारतीय पुरुष आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवार 29 जून 2026 तक joinindiannavy.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अग्निवीर चरण I (INET 2/2026) आवेदन विंडो: 5 जून 2026 से 29 जून 2026
सुधार विंडो: 6 जुलाई 2026
प्रथम चरण INET परीक्षा: अगस्त 2026
INET परिणाम घोषणा: अगस्त 2026 अंत / सितंबर 2026 प्रारंभ
INET अर्थात इंडियन नेवी एंट्रेंस टेस्ट भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसके माध्यम से नौसेना विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है। अग्निवीर (अप्रेंटिस) भर्ती में चयन का पहला चरण INET परीक्षा होगी, जिसमें सफलता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा।
इस भर्ती के लिए केवल अविवाहित भारतीय पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। अभ्यर्थियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होगी-
INET 2/2026 लिखित परीक्षा
शारीरिक दक्षता परीक्षा
दस्तावेज सत्यापन
मेडिकल परीक्षण
अंतिम मेरिट सूची
परीक्षा पैटर्न
INET परीक्षा कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में आयोजित की जाएगी।
कुल प्रश्न: 100
कुल अंक: 100
परीक्षा अवधि: 60 मिनट
प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ (एमसीक्यू)
नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती
अंग्रेजी में - व्याकरण, शब्दावली, गद्यांश आधारित समझ / अपठित गद्यांश, समानार्थी एवं विलोम शब्द, वाक्यों में त्रुटि पहचान आदि।
गणित में - प्रतिशत, लाभ-हानि, अनुपात एवं समानुपात, औसत, समय एवं कार्य, क्षेत्रमिति, बीजगणित आदि।
विज्ञान में - भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, सामान्य विज्ञान आदि।
सामान्य ज्ञान एवं करेंट अफेयर्स में - भारतीय इतिहास, संविधान, भूगोल, रक्षा क्षेत्र, नौसेना से जुड़े तथ्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाएं आदि।
संबंधित डिप्लोमा या तकनीकी विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
भारतीय नौसेना केवल नौकरी नहीं बल्कि सम्मान, अनुशासन और देश सेवा का अवसर प्रदान करती है। यहां युवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ कार्य करने का अवसर, सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास, शारीरिक एवं मानसिक विकास, आकर्षक वेतन एवं सुविधाएं और भविष्य के लिए उत्कृष्ट करियर अनुभव प्राप्त होता है।
करियर काउंसलर अभिषेक खरे बता रहे हैं कि इस परीक्षा के लिए विशेष रूप से कक्षा 9वीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों का अध्ययन लाभदायक रहेगा।
सबसे पहले पूरा सिलेबस समझें - कई अभ्यर्थी बिना सिलेबस समझे तैयारी शुरू कर देते हैं, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की हानि होती है। सिलेबस को प्रिंट कर अपने अध्ययन कक्ष में लगाएं और प्रत्येक टॉपिक को चिन्हित करते हुए तैयारी करें।
मजबूत बनाएं गणित और रीजनिंग - अधिकांश अभ्यर्थियों को गणित और तार्किक क्षमता में कठिनाई होती है। प्रतिदिन कम से कम 20 गणित प्रश्न, 20 रीजनिंग प्रश्न हल करने की आदत विकसित करें।
विज्ञान विषय पर विशेष ध्यान दें - भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान के मूल सिद्धांतों की अच्छी समझ विकसित करें। विशेष रूप से कक्षा 9वीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों का अध्ययन लाभदायक रहेगा।
अंग्रेजी को नजरअंदाज न करें - कई बार अभ्यर्थी अंग्रेजी को कम महत्व देते हैं जबकि परीक्षा में यह स्कोर बढ़ाने वाला विषय साबित हो सकता है। प्रतिदिन एक समाचार पत्र पढ़ें। 10 नए शब्द याद करें। ग्रामर का अभ्यास करें।
करेंट अफेयर्स पर रखें नजर - रक्षा, नौसेना, अंतरिक्ष, विज्ञान एवं राष्ट्रीय घटनाओं से जुड़े समाचार नियमित पढ़ें। विशेष रूप से पिछले छह महीने के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स तैयार करें।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें - पुराने प्रश्नपत्र परीक्षा की वास्तविक कठिनाई और प्रश्नों के स्तर को समझने में मदद करते हैं। कम से कम पिछले तीन से पांच वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें।
नियमित मॉक टेस्ट दें - सप्ताह में कम से कम दो पूर्ण लंबाई के मॉक टेस्ट अवश्य दें। मॉक टेस्ट से समय प्रबंधन सुधरता है और कमजोरियां पता चलती हैं साथ ही आत्मविश्वास बढ़ता है।
शारीरिक फिटनेस पर भी ध्यान दें - लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा भी होती है। इसके लिए प्रतिदिन दौड़ लगाएं। पुश-अप्स करें, स्क्वाट्स का अभ्यास करें और स्टैमिना बढ़ाने वाले व्यायाम करें।
नोट्स बनाकर पढ़ाई करें - संक्षिप्त नोट्स अंतिम समय में रिवीजन के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं।
अंतिम 30 दिनों की रणनीति - परीक्षा से पहले के अंतिम महीने में नया विषय न पढ़ें। केवल रिवीजन करें।