• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

भोपाल में 7 सितंबर को CM हाउस घेरेंगे MP के इंटर्न डॉक्टर्स, स्टाइपेंड बढ़ोतरी का आदेश न मिलने से आक्रोश

स्टाइपेंड बढ़ाने के मौखिक आश्वासन के बावजूद अब तक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ। नाराज इंटर्न डॉक्टर 7 सितंबर सोमवार को मार्च निकालकर मुख्यमंत्री आवास का घ...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 06 Sep 2026 09:45:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 07:34:16 AM (IST)
भोपाल में 7 सितंबर को CM हाउस घेरेंगे MP के इंटर्न डॉक्टर्स, स्टाइपेंड बढ़ोतरी का आदेश न मिलने से आक्रोश
फाइल फोटो।

HighLights

  1. मौखिक आश्वासन के बावजूद अब तक लिखित आदेश जारी नहीं हुआ
  2. स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग
  3. इंटर्न डॉक्टर सोमवार को मार्च निकालकर मुख्यमंत्री आवास का घेरेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर सोमवार को हमीदिया अस्पताल से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे।

करीब डेढ़ माह से सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे इन डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें स्टाइपेंड बढ़ाने का मौखिक आश्वासन दिया गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है।

30 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग

वर्तमान में प्रदेश के इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 14 हजार 337 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है। डॉक्टर इसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद इस पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, आंदोलन के दौरान शासन की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में एक माह के भीतर निर्णय लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था। सरकार के आश्वासन का सम्मान करते हुए डॉक्टरों ने एक माह से अधिक समय तक इंतजार किया।


यह भी पढ़ें- शिक्षकों के सामने नई तकनीकी आफत, ई-अटेंडेंस ऐप पर मांगी जा रही सख्त लीगल अंडरटेकिंग, कार्रवाई का डर

डेढ़ माह बाद भी नहीं मिला लिखित आदेश

अब करीब डेढ़ माह बीत चुका है, लेकिन स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर कोई लिखित आदेश या अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इससे इंटर्न डाक्टरों में नाराजगी बढ़ रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि वे सरकार के आश्वासन का सम्मान करते हुए पर्याप्त समय तक इंतजार कर चुके हैं। इसके बावजूद लिखित निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें मार्च निकालने का फैसला करना पड़ा है।