
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) की ओर से बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ियों को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में नाराजगी है। राजधानी स्थित सांदीपनि विद्यालय, बरखेड़ी के दो विद्यार्थियों ने जब पुनर्गणना के लिए आवेदन करने के साथ उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो कॉपी मांगी, तब मूल्यांकन की कई खामियां सामने आईं। विद्यार्थियों का आरोप है कि कई प्रश्नों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया और कुछ उत्तरों को जांचा तक नहीं गया।
इस वर्ष 15 अप्रैल को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित किए गए थे। परिणाम आने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने अंकों से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने मंडल में पुनर्गणना के लिए आवेदन किया है। इस वर्ष 10वीं के लगभग 3800 और 12वीं के करीब 14 हजार विद्यार्थियों ने पुनर्गणना के लिए आवेदन किया है। हालांकि, एक महीने बीतने के बाद भी विद्यार्थियों को संशोधित अंकों की जानकारी नहीं मिल सकी है।
सांदीपनि विद्यालय की 12वीं की छात्रा पूर्वा शर्मा को परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। पूर्वा का कहना है कि राजनीति शास्त्र, हिंदी और इतिहास विषय में उन्हें अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं। उन्होंने इन तीनों विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो कॉपी मंगाई, जिसमें कई त्रुटियां सामने आईं।
पूर्वा के पिता महेश शर्मा ने बताया कि इतिहास विषय में दो प्रश्नों की जांच ही नहीं की गई, जबकि हिंदी में कुछ सवालों के उत्तर लिखे होने के बावजूद अंक नहीं दिए गए। उनका कहना है कि पूर्वा ने एनसीईआरटी पुस्तकों के आधार पर सटीक उत्तर लिखे थे और अब उन्होंने मंडल को चुनौती दी है कि यदि निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन हो तो बेटी के 25 से 30 अंक तक बढ़ सकते हैं। इससे उसका नाम मेरिट सूची में शामिल हो सकता है।
विद्यालय के ही 10वीं के छात्र मुताहिर खान ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। विज्ञान विषय में उन्हें 75 में से 68 अंक मिले हैं। मुताहिर ने जब उत्तर पुस्तिका की कॉपी देखी तो पाया कि दो सवालों में अपेक्षा से कम अंक दिए गए हैं। उनका कहना है कि सही मूल्यांकन होने पर उनके दो से तीन अंक और बढ़ सकते हैं।
वहीं एक ओर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना की फीस कम कर विद्यार्थियों को राहत दी है। सीबीएसई में स्कैन कॉपी और अंकों के सत्यापन के लिए केवल 100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, जबकि प्रति प्रश्न पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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वहीं माशिम में प्रति विषय पुनर्गणना के लिए 200 रुपये और उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी के लिए 250 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। खास बात यह है कि मंडल केवल पुनर्गणना करता है, पुनर्मूल्यांकन की सुविधा नहीं देता। ऐसे में विद्यार्थियों को न्याय के लिए हाई कोर्ट का सहारा लेना पड़ सकता है।
जितने भी विद्यार्थियों के आवेदन आए हैं। उनकी पुनर्गणना की जा रही है। अगर अंक बढ़ रहे हैं तो अपडेट किए जा रहे हैं।- बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिम