
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। यात्रियों को तत्काल आरक्षण में अधिक सुविधा और पारदर्शिता प्रदान करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने टोकन वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह नई व्यवस्था 13 जून से भोपाल मंडल के सभी आरक्षण कार्यालयों में लागू होगी। इसका मुख्य उद्देश्य तत्काल टिकट प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना, धांधली को रोकना और यात्रियों के बीच विवादों को कम करना है।
अभी तक कई स्थानों पर तत्काल टिकट के दौरान टोकन वितरण को लेकर यात्रियों में भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न होती थी। कई बार शिकायतें आती थीं कि समय पर जानकारी न मिलने या अव्यवस्थित प्रक्रिया के कारण कुछ यात्रियों को नुकसान उठाना पड़ता था। एक ही कतार और सीमित जानकारी के कारण विवाद की स्थिति भी बनती थी।
नई व्यवस्था के तहत, अब तत्काल आरक्षण के लिए एसी और नॉन-एसी श्रेणी के यात्रियों को अलग-अलग टोकन दिए जाएंगे। दोनों श्रेणियों के लिए टोकन वितरण प्रतिदिन सुबह आठ बजे से शुरू होगा। इससे यात्रियों को अपनी श्रेणी के अनुसार स्पष्ट प्रक्रिया मिलेगी और अनावश्यक भीड़ कम होगी। इसके साथ ही सभी आरक्षण कार्यालयों में टोकन वितरण रजिस्टर रखना अनिवार्य किया गया है। इस रजिस्टर में प्रत्येक टोकन संख्या और संबंधित यात्री का नाम दर्ज किया जाएगा। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और किसी शिकायत या जांच की स्थिति में जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। मंडल के मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षकों, आरक्षण पर्यवेक्षकों और आरक्षण लिपिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नई व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, ताकि यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद आरक्षण सेवा मिल सके।