भोपाल में जेहादी संबोधन और एकतरफा पुलिस कार्रवाई से पाटीदार समाज में आक्रोश, मतांतरण की दी चेतावनी
पुलिस ने साध्वी की शिकायत पर पाटीदार समाज के निर्दोषों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया, जबकि समाज की ओर से कोई एफआइआर नहीं ली गई। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 04 Mar 2026 03:39:44 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Mar 2026 05:18:14 AM (IST)
पाटीदार समाज का विरोध प्रदर्शन (फोटो-इंटरनेट)नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: राजधानी के मिसरोद में 25 फरवरी को साध्वी रंजना और स्थानीय रहवासियों के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को पाटीदार समाज और ओबीसी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने मांगलिक भवन रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।इसमें भारी संख्या महिलाएं और पुरूष शामिल हुए।
समाज का आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है। समाज के प्रतिनिधि प्रशांत पाटीदार ने बताया कि विवाद की जड़ शासकीय स्कूल के पास संकरी सड़क पर लगा जाम था। आरोप है कि गलत साइड पर खड़ी साध्वी की गाड़ी को पीछे लेने का आग्रह करने पर उन्होंने युवक से अभद्र व्यवहार किया, उसे चांटा मारा और कपड़े फाड़ दिए। इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने वाहन में तोड़फोड़ की। प्रदर्शन में पुलिस पर भेदभाव के आरोप लगाए गए।
पाटीदार समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस ने साध्वी की शिकायत पर निर्दोषों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया, जबकि समाज की ओर से कोई एफआइआर नहीं ली गई। आरोप यह भी है कि पुलिस रात के समय घरों में दबिश देकर परिजनों को परेशान कर रही है। इसको रोका जाए।
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ज्ञापन और मांग समाज ने पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर के नाम एसीपी रजनीश कश्यप को ज्ञापन सौंपकर किसी वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें ''जेहादी'' कहना बंद नहीं हुआ और न्याय नहीं मिला, तो समाज सामूहिक मतांतरण तथा उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।